आगरा में खाद्य विभाग ने आटा, मैदा, बेसन और सूजी की फैक्ट्रियों पर छापे मारे, 16 नमूने जांच को भेजे
आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर आटा, मैदा, सूजी, बेसन और दलिया बनाने वाली विभिन्न फ्लोर मिलों व प्रतिष्ठानों से 16 विधिक खाद्य नमूने लिए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट में अनियमितता मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान, जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
आगरा। जिले में आम लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के दौरान आटा, मैदा, सूजी, बेसन और दलिया के निर्माण एवं बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान विभिन्न फ्लोर मिलों और खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 16 विधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले के कई प्रमुख निर्माण इकाइयों और फ्लोर मिलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता, निर्माण प्रक्रिया और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी जांच की गई।
इन प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूने
अभियान के तहत गणेश कंज्यूमर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, भागूपुर से आटा, बेसन, दलिया, मैदा और सूजी के 5 नमूने लिए गए। वहीं बी.पी. फ्लोर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड से आटा और फोर्टिफाइड गेहूं के आटे के 2 नमूने संग्रहित किए गए। इसके अलावा लक्ष्मी नारायण आटा मिल, मलपुरा से 1 नमूना, आगरा रोलर फ्लोर मिल्स से गेहूं के आटे और मैदा के 2 नमूने, अग्रवाल फूड्स, खेरागढ़ से 1 नमूना, कन्हैया फ्लोर मिल से 1 नमूना, आगरा फ्लोर मिल, सेवला जाट से 2 नमूने तथा गुप्ता एंटरप्राइजेज फ्लोर मिल से 2 नमूने लिए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूनों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी, मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके तहत लागू नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II महेन्द्र ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिले में सुरक्षित एवं मानक गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से भी खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही बाजार में उपलब्ध कराने की अपील की।