खेल निदेशालय की अनदेखी से आगरा के खिलाड़ियों पर संकट: एकलव्य स्टेडियम में हाकी, शूटिंग और तलवारबाजी के कैंप इस साल नहीं हो पाएंगे

आगरा। ताजनगरी के खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। वर्ष 2026-27 में एकलव्य स्टेडियम में इस साल हाकी, शूटिंग और तलवारबाजी के प्रशिक्षण शिविर नहीं लगेंगे। वजह साफ है- इन खेलों के प्रशिक्षकों का नवीनीकरण खेल निदेशालय उत्तर प्रदेश द्वारा नहीं किया गया है, जिससे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर सीधा असर पड़ेगा।

Apr 5, 2026 - 11:48
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खेल निदेशालय की अनदेखी से आगरा के खिलाड़ियों पर संकट: एकलव्य स्टेडियम में हाकी, शूटिंग और तलवारबाजी के कैंप इस साल नहीं हो पाएंगे

जानकारी के अनुसार हाकी कोच मो. खलील, तलवारबाजी की कोच सुश्री सुमन सिंह और शूटिंग कोच दक्ष गौतम का नवीनीकरण प्रस्ताव क्षेत्रीय खेल कार्यालय आगरा से भेजा गया था, लेकिन खेल निदेशालय से इसे मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके विपरीत जिन प्रशिक्षकों के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं, उनके कैंप इसी माह शुरू होने जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि संविदा पर कार्यरत प्रशिक्षकों की अवधि हर वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो जाती है। इसके बाद प्रदर्शन और उपस्थिति के आधार पर नवीनीकरण किया जाता है, लेकिन इस बार तीन प्रमुख खेलों के कैंप बंद होने के हालात बनने से खिलाड़ियों में निराशा है।

हालांकि फिलहाल एकलव्य स्टेडियम में सेना भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके चलते सभी खेल गतिविधियां अस्थायी रूप से बंद हैं। 19 अप्रैल को भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन खेलों के कोच स्वीकृत हैं, उनके प्रशिक्षण शिविर शुरू हो जाएंगे।

वॉलीबॉल और क्रिकेट भी उपेक्षा के शिकार

स्टेडियम में वॉलीबॉल कोच की भी अनुपस्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा स्वयं वॉलीबॉल के प्रशिक्षक हैं, जिसके चलते अलग से नियुक्ति नहीं की गई। वहीं क्रिकेट की स्थिति और भी खराब है। कई वर्षों से यहां कोई क्रिकेट कोच नहीं है। बताया जाता है कि आगरा से क्रिकेट प्रशिक्षक पद के लिए आवेदन ही नहीं आते, जिससे यह कैंप लगातार खाली पड़ा है।

एक समय था जब स्व. एमएके अफगानी और तत्कालीन क्रिकेट सचिव कैलाश नाथ टंडन के प्रयासों से आगरा क्रिकेट का गढ़ माना जाता था। उसी दौर में हेमलता काला जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकलीं, जिन्होंने शहर का नाम रोशन किया। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

फिरोजाबाद में कबड्डी खिलाड़ियों को भी झटका

खेल निदेशालय ने फिरोजाबाद में कबड्डी कैंप का भी नवीनीकरण नहीं किया है। ऐसे में खिलाड़ियों को बिना प्रशिक्षक के ही अभ्यास करना पड़ेगा, जो खेल के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।

क्या बोले क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी

क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षकों के नवीनीकरण में उनकी उपस्थिति, मैदान पर समय और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को आधार बनाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा का स्टेडियम अब प्रदेश का पहला ऐसा स्टेडियम बन गया है जहां बिना पंजीकरण के खिलाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है और नियमित कार्ड चेकिंग की जा रही है।

साथ ही सभी कोचों को निर्देश दिए गए हैं कि सेना भर्ती के दौरान खिलाड़ियों के पंजीकरण कार्य पर विशेष ध्यान दें, ताकि प्रशिक्षण शुरू होते ही व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।

खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते इन फैसलों पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आगरा जैसे शहर की खेल प्रतिभाएं पिछड़ जाएंगी।

SP_Singh AURGURU Editor