पहले से ही पता था भारत कुछ करेगा- ट्रंप, डोभाल ने अमेरिकी एनएसए और विदेश मंत्री से की बात

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान में भारतीय एयरस्ट्राइक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही ऐसे किसी कदम की आशंका थी, क्योंकि भारत और पाकिस्तान लंबे समय से संघर्षरत हैं। पाकिस्तानी सेना ने पुष्टि की है कि भारतीय मिसाइलों ने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर के अहमद ईस्ट इलाके को निशाना बनाया है।

May 7, 2025 - 04:54
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पहले से ही पता था भारत कुछ करेगा- ट्रंप, डोभाल ने अमेरिकी एनएसए और विदेश मंत्री से की बात

 ट्रंप ने कहा है कि पुराने अनुभवों के आधार पर उन्हें पता था कि भारत जरूर कुछ करेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि मैंने इसके बारे में तब सुना जब मैं ओवल के दरवाजे से अंदर जा रहा था। मुझे लगता है कि लोगों को अतीत के कुछ अंशों के आधार पर पता था कि कुछ होने वाला है। वे लंबे समय से लड़ रहे हैं। अगर आप इसके बारे में सोचें तो वे कई दशकों और सदियों से लड़ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा।

अमेरिका में भारत की एंबेसी ने बयान जारी कर रहा कि हमलों के तुरंत बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिका के एनएसए और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और उन्हें की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने एक निर्मम और जघन्य हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी। भारत के पास इस हमले में पाकिस्तान-आधारित आतंकवादियों की स्पष्ट संलिप्तता की ओर इशारा करने वाले पुख्ता सुराग, तकनीकी जानकारी, पीड़ितों के बयान और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं।

इस बीच पाकिस्तानी सेना की तरफ से पुष्टि की गई है कि भारतीय मिसाइल हमलों ने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर के अहमद ईस्ट इलाके को निशाना बनाया है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (डीजी आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भड़कते हुए कहा है कि कुछ समय पहले भारत ने बहावलपुर के अहमद ईस्ट इलाके में कोटली और मुजफ्फराबाद पर तीन जगहों पर हवाई हमले किए।

इधर भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च करने की पुष्टि कर दी है। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में 9 आतंकी शिविरों को निशाना बनाने की बात कही गई है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत की तरफ से की गई कार्रवाई केन्द्रित और नपी-तुली है। इसमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है। ये हमले पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में किए गए हैं, जिसमें 26 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी।