आगरा में एक और जीएसटी घोटाले का खुलासा: फर्जी दस्तावेजों से बनाई शेल कंपनी, करोड़ों का लगाया चूना

आगरा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 'सनशाइन ट्रेडिंग कंपनी' के नाम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर शेल कंपनी संचालित करने और ₹1.28 करोड़ से अधिक की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने का मामला सामने आया है। भौतिक सत्यापन में फर्म दिए गए पते पर नहीं मिली और बिजली बिल सहित कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर लोहामंडी थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

Jul 31, 2026 - 15:03
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आगरा में एक और जीएसटी घोटाले का खुलासा: फर्जी दस्तावेजों से बनाई शेल कंपनी, करोड़ों का लगाया चूना

आगरा। ताजनगरी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन हासिल कर करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की शिकायत पर थाना लोहामंडी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में सरकार को ₹1.28 करोड़ से अधिक के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया गया है।

आरोप है कि 'सनशाइन ट्रेडिंग कंपनी' के नाम से एक फर्जी फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके लिए कथित रूप से फर्जी और भ्रामक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान विभाग को संदेह होने पर फर्म का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराया गया, लेकिन रजिस्ट्रेशन में दर्ज पते पर कोई व्यापारिक गतिविधि या फर्म संचालित होती नहीं मिली।

जांच के दौरान प्रस्तुत किए गए बिजली बिल समेत अन्य दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए शेल कंपनी तैयार कर जीएसटी प्रणाली का दुरुपयोग किया गया।

राज्य कर विभाग का आरोप है कि इस फर्जी फर्म के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ लिया गया, जिससे सरकारी राजस्व को ₹1.28 करोड़ से अधिक की क्षति पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राज्य कर अधिकारी ने थाना लोहामंडी में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे प्राप्त किया गया और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। साथ ही बैंक खातों, लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

पुलिस और राज्य कर विभाग यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं इसी तरह की अन्य फर्जी फर्मों के जरिए भी टैक्स चोरी या फर्जी आईटीसी क्लेम का खेल तो नहीं चल रहा था। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।