501 महिलाएं कलश लेकर चलीं तो भक्ति में डूब गया यमुना तट, श्रीमनःकामेश्वर बाबा की छत्रछाया में भागवत महायज्ञ का शुभारंभ, 21 फीट ऊंचे श्रीनाथजी, द्वादश ज्योतिर्लिंग और दिव्य यमुना आरती ने रचा अलौकिक आध्यात्मिक संसार
आगरा। पुरुषोत्तम मास में आगरा का यमुना तट आध्यात्मिक चेतना, वैदिक मंत्रों और भक्ति की दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। यमुना किनारा रोड स्थित ताज व्यू गार्डन फेस-1 में श्रीमनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को 501 कलशों की भव्य एवं विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। गुलाबी वेशभूषा में सजी महिलाओं के सिर पर सुशोभित कलशों और “हर-हर महादेव” के जयघोषों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यमुना तट पर सजी द्वादश ज्योतिर्लिंगों की श्रृंखला, भगवान विष्णु के 24 अवतारों की दिव्य झांकियां और 21 फीट ऊंचे श्रीनाथजी के विराट स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कलश यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी 501 कलशों में श्री मनःकामेश्वर मंदिर परिसर स्थित प्राचीन कुएं का पवित्र जल भरा गया। बाबा श्रीमनःकामेश्वर की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा ने मंदिर की परिक्रमा करते हुए कथा स्थल तक पहुंचकर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।
आचार्य सुरेंद्र गौतम के सानिध्य में 11 ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन संपन्न कराया गया। इसी क्रम में श्रीमनःकामेश्वर नाथ के स्वरूप की स्थापना कराई गई। भगवान के स्वरूप की भव्य झांकी जलहरी में विराजमान होकर कथा स्थल पहुंची, जहां वैदिक विधि-विधान से पूजन कर कलश स्थापना संपन्न हुई।
200 गज के वातानुकूलित पंडाल में पहली बार एक साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग
यमुना किनारा स्थित कथा स्थल पर लगभग 200 गज क्षेत्रफल में विशाल वातानुकूलित पंडाल तैयार किया गया है। प्रवेश द्वार पर कमल दल में विराजमान 21 फीट ऊंचे श्रीनाथजी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पंडाल के भीतर पहली बार आगरा में एक साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापित किए गए हैं। मंच पर भगवान विष्णु के 24 अवतारों की भव्य प्रतिमाएं, यमुना महारानी और श्रीनाथजी की मनोहारी झांकियां भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति करा रही हैं।
20 फीट ऊंचे मंच से हुई भव्य यमुना आरती
संध्याकाल कथा व्यास महंत योगेश पुरी ने 20 फीट ऊंचे मंच से यमुना महारानी की आरती उतारी। दीपों की हजारों ज्योतियों, शंखध्वनि, घंटानाद और भजन-कीर्तन के बीच पूरा यमुना तट भक्तिरस में डूब गया। आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर जय श्री राधे तथा हर हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा।
18 मई से प्रतिदिन होगी श्रीमद्भागवत कथा
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि 18 मई से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से “हरि इच्छा” तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से बाल संस्कार शिविर भी लगाया जाएगा। कथा स्थल पर पूरे दिन द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन, रुद्राभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान चलते रहेंगे। संध्या आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी।
दैनिक यजमानों ने किया व्यास पूजन
दैनिक यजमान के रूप में अशोक जैन ओसवाल, विजय गुप्ता, मंजू गुप्ता, धन कुमार जैन, संतोष मित्तल, बबीता मित्तल, अश्विनी रावत, गोपाल बंसल, शालिनी बंसल, अंकित अग्रवाल, श्रुति अग्रवाल, सोनू गुप्ता, सीमा गुप्ता, चंद्रप्रकाश बंसल, रजनी बंसल, कमल गुप्ता, शशि गुप्ता, अनूप यादव, राजीव सूरी, सरिता सूरी, विनोद गुप्ता एवं सरोज गुप्ता ने व्यास पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।