बरेली में लड़की भगा ले जाने का मामलाः आरोपी के चाचा को पूछताछ के लिए ले गई थी पुलिस, घर छोड़ने के कुछ देर बाद ही मौत; हिरासत में पिटाई के आरोप पर थाने का घेराव, पुलिस ने आरोप खारिज किए

-आरके सिंह- बरेली। देवरनिया थाना क्षेत्र के कठर्रा गांव में एक युवक द्वारा युवती को भगा ले जाने के मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब आरोपी युवक के चाचा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर लिया। देर शाम तक थाने के बाहर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

Jun 9, 2026 - 12:07
Jun 9, 2026 - 12:09
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बरेली में लड़की भगा ले जाने का मामलाः आरोपी के चाचा को पूछताछ के लिए ले गई थी पुलिस, घर छोड़ने के कुछ देर बाद ही मौत; हिरासत में पिटाई के आरोप पर थाने का घेराव, पुलिस ने आरोप खारिज किए
थाने का घेराव करते लोग।

युवती को भगाने के मामले में दर्ज है मुकदमा

जानकारी के अनुसार देवरनिया थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती को गांव का ही एक युवक अपने साथ ले गया था। इस मामले में परिजनों की तहरीर पर देवरनिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी युवक की तलाश में जुटी हुई थी।

परिजनों का आरोप है कि सोमवार सुबह पुलिस आरोपी युवक के चाचा फुरकान (45 वर्ष) को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई थी। फुरकान मधुमेह के मरीज बताए जा रहे हैं। परिवार का कहना है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।

घर छोड़ने के बाद हुई मौत, भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने पर पुलिस फुरकान को घर छोड़ गई। घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन शव लेकर देवरनिया थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

गुस्साए लोगों ने थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते थाने के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

कई थानों की फोर्स बुलानी पड़ी

स्थिति बिगड़ती देख देवरनिया पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद बहेड़ी, शीशगढ़, शेरगढ़, शाही और भोजीपुरा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र और सीओ बहेड़ी अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठी फटकारकर भीड़ को पीछे हटाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सीओ के बयान पर भी छिड़ी चर्चा

घटनास्थल पर ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सीओ बहेड़ी के एक कथित बयान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने कहा कि, जानते नहीं हो, भाजपा की सरकार है, कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। इस बयान को लेकर भी लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

पुलिस ने आरोपों को किया खारिज

वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक फुरकान को थाने लाया ही नहीं गया था। पुलिस ने हिरासत में मारपीट और मौत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फुरकान की मौत बीमारी, प्राकृतिक कारणों या किसी अन्य वजह से हुई। उधर ग्रामीणों और परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

SP_Singh AURGURU Editor