मोदी-पवार की मुलाकात से सियासत में हलचल: संसद भवन में बंद कमरे की बैठक में सुप्रिया सुले भी रहीं साथ; परिसीमन और महिला आरक्षण पर तेज हुई अटकलें

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के बीच बुधवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। इस बैठक में बारामती से सांसद और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शरद पवार का हाथ पकड़कर उन्हें अपने कार्यालय तक ले जाते हुए दिखाई दिए। इस दृश्य की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इस मुलाकात को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

Jul 22, 2026 - 12:00
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मोदी-पवार की मुलाकात से सियासत में हलचल: संसद भवन में बंद कमरे की बैठक में सुप्रिया सुले भी रहीं साथ; परिसीमन और महिला आरक्षण पर तेज हुई अटकलें
संसद भवन में पीएम मोदी के साथ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हाल ही में सुप्रिया सुले ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संभावित विधेयकों पर पार्टी के रुख को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी विधेयक पर निर्णय लेने से पहले उसका अंतिम मसौदा देखना जरूरी है और उसके बाद ही पार्टी अपना रुख तय करेगी। उनके इस बयान को विपक्ष के पहले के रुख की तुलना में अपेक्षाकृत नरम माना गया, जिसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि एनसीपी (शरद पवार) इन मुद्दों पर अपना रुख बदल सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि पार्टी किसी भी प्रस्ताव का समर्थन या विरोध उसके प्रावधानों के आधार पर ही करेगी और एनडीए में शामिल होने जैसी अटकलों को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संसद के मौजूदा सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री और शरद पवार की यह मुलाकात स्वाभाविक रूप से राजनीतिक महत्व रखती है। महाराष्ट्र की राजनीति में भी पिछले कुछ समय से शरद पवार की विभिन्न नेताओं से लगातार हो रही मुलाकातों ने नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं को हवा दी है।

संसद भवन में हुई इस मुलाकात में सुप्रिया सुले की मौजूदगी को भी अहम माना जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से बैठक के एजेंडे या बातचीत के विषय में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संसद में आने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों पर एनसीपी (शरद पवार) का अंतिम रुख क्या रहेगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी परिसीमन या महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का समर्थन करती है, तो इसका असर केवल संसद की कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थों को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

SP_Singh AURGURU Editor