बारिश में खुला नाला बना मौत का जाल, साइकिल समेत गिरे बुजुर्ग की मौत

शाहगंज के केदार नगर में भारी बारिश के बीच खुले नाले में गिरने से बुजुर्ग ओम प्रकाश की मौत हो गई। हादसा रात करीब 11:15 बजे राजकमल इंटर कॉलेज के पास हुआ। ओम प्रकाश साइकिल से जा रहे थे, तभी सड़क किनारे खुले नाले में साइकिल समेत गिर गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर घर पहुंचाया, लेकिन हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम है। बेटे ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिस्टम से कैसे लड़ते। परिवार ने बिना शिकायत अंतिम संस्कार कर दिया। हादसे ने बारिश के दौरान खुले नालों और नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Sep 5, 2026 - 23:00
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बारिश में खुला नाला बना मौत का जाल, साइकिल समेत गिरे बुजुर्ग की मौत

शाहगंज के केदार नगर में रात के अंधेरे में हुआ दर्दनाक हादसा, स्थानीय लोगों ने नाले से निकालकर बचाने की कोशिश की, घर पहुंचते ही बिगड़ी हालत

आगरा। शहर में भारी बारिश के बीच नालों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के दावों की एक बार फिर पोल खुलती नजर आई। शाहगंज थाना क्षेत्र के केदार नगर में खुले नाले में गिरने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रात के समय हुआ, जब बुजुर्ग साइकिल लेकर जा रहे थे। अचानक वह सड़क किनारे खुले नाले में साइकिल समेत जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने किसी तरह बुजुर्ग को नाले से बाहर निकाला। परिजन उन्हें घर लेकर पहुंचे, लेकिन कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, मगर रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

खुले नाले में समा गए ओम प्रकाश

मृतक की पहचान ओम प्रकाश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार रात करीब 11:15 बजे केदार नगर इलाके में राजकमल इंटर कॉलेज के पास से गुजर रहे थे। बारिश के कारण आसपास पानी भरा हुआ था और सड़क किनारे स्थित नाला भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान अचानक उनकी साइकिल का संतुलन बिगड़ा और वह साइकिल समेत खुले नाले में जा गिरे। अंधेरा और बारिश के कारण हादसे की गंभीरता का तत्काल पता नहीं चल सका। आसपास मौजूद लोगों को जानकारी हुई तो उन्होंने दौड़कर बुजुर्ग को बाहर निकालने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की मदद से ओम प्रकाश को नाले से बाहर निकाला गया।

घर पहुंचते ही बिगड़ी हालत

स्थानीय लोगों द्वारा बाहर निकाले जाने के बाद ओम प्रकाश को उनके घर पहुंचाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते उन्हें इलाज मिल जाएगा और उनकी जान बच जाएगी, लेकिन घर पहुंचने के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही ओम प्रकाश ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। एक तरफ परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, तो दूसरी तरफ हादसे ने शहर में खुले और असुरक्षित नालों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारिश में कहां गायब हो जाता है सड़क और नाले का फर्क?

केदार नगर में हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बारिश के दौरान शहर की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। बारिश के समय जब सड़कों पर पानी भर जाता है तो कई स्थानों पर सड़क और नाले के बीच का फर्क दिखाई नहीं देता। ऐसे में खुले नाले और बिना सुरक्षा इंतजाम वाले स्थान राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। खासकर रात के समय जब रोशनी कम होती है, वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

बेटे का दर्द- "सिस्टम से कैसे लड़ते?"

ओम प्रकाश के बेटे ने हादसे के बाद व्यवस्था को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। उनका कहना है कि परिवार के सामने सबसे बड़ा दुख अपने सदस्य को खोने का है। सिस्टम से शिकायत या लड़ाई करने की स्थिति में परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है। बेटे के मुताबिक, "सिस्टम से कैसे लड़ते?" इसी पीड़ा के बीच परिवार ने बिना किसी शिकायत के ओम प्रकाश का अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार का यह दर्द बताता है कि हादसे के बाद सिर्फ मुआवजा या जांच ही सवाल नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिससे भविष्य में किसी दूसरे परिवार को इसी तरह का दर्द न झेलना पड़े।

खुले नाले पर जिम्मेदार कौन?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजकमल इंटर कॉलेज के पास खुले नाले की स्थिति क्या थी? यदि नाला खुला था तो वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए? बारिश के दौरान पानी भरने की स्थिति में राहगीरों को चेतावनी देने के लिए बैरिकेडिंग, ढक्कन या संकेतक क्यों नहीं लगाए गए? नगर निगम की जिम्मेदारी शहर के नालों की सफाई और जल निकासी तक ही सीमित नहीं है। जहां खुले नाले लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं, वहां उनकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। अब हादसे के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नगर निगम या संबंधित विभाग ने इस खुले नाले को पहले कभी चिन्हित किया था? अगर किया था तो सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं हुए और अगर नहीं किया था तो शहर के ऐसे स्थानों का सर्वे कब होगा?

बारिश में नालों की लापरवाही बनी जानलेवा

आगरा में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। कई इलाकों में नाले और सड़कें बारिश के पानी में एक जैसी दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में खुले नाले किसी भी राहगीर के लिए मौत का जाल बन सकते हैं। केदार नगर की घटना ने इसी खतरे को बेहद दर्दनाक तरीके से सामने ला दिया है। एक बुजुर्ग की जान चली गई और अब पीछे परिवार के पास सिर्फ सवाल और दर्द रह गया है। सवाल सिर्फ यह नहीं कि ओम प्रकाश नाले में कैसे गिरे, बल्कि यह भी है कि जिस नाले में गिरकर एक इंसान की जान चली गई, उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी किसकी थी?