बरेली के भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ने QS रैंकिंग में रचा इतिहास, टॉप-100 में जगह बनाकर बना देश का पहला प्रतिनिधि
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। भारत की पशु चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाते हुए आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, बरेली ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (विषयवार – वेटरिनरी साइंस) में इतिहास रच दिया है। संस्थान ने विश्व के शीर्ष 100 संस्थानों में जगह बनाकर न केवल अपनी श्रेष्ठता साबित की है, बल्कि इस क्षेत्र में भारत का पहला प्रतिनिधि बनने का गौरव भी हासिल किया है।
51–100 रैंक बैंड में जगह, वैश्विक पहचान मजबूत
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत संचालित आईवीआरआई को क्यूएस रैंकिंग में 51–100 के रैंक बैंड में स्थान मिला है। यह उपलब्धि पशु चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में संस्थान की उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी मजबूत पहचान को दर्शाती है।
डॉ. राघवेन्द्र भट्टा ने बताया इसे ऐतिहासिक क्षण
आईसीएआर के उपमहानिदेशक एवं आईवीआरआई, बरेली के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र भट्टा ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए कहा कि यह संस्थान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्षों से संस्थान ने पशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, टीका विकास और पशुधन उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनका परिणाम आज वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
वैज्ञानिकों और शोधार्थियों की मेहनत लाई रंग
डॉ. भट्टा ने इस सफलता का श्रेय संस्थान के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और सतत प्रयासों ने आईवीआरआई को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
आईसीएआर महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने जताई खुशी
आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद देश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को वैश्विक स्तर तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और आईवीआरआई की यह सफलता उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
इन मानकों पर होती है QS रैंकिंग
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्थानों का मूल्यांकन शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शोध उद्धरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया जाता है। इन सभी मानकों पर आईवीआरआई का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
देश को मिलेगी नई दिशा और प्रेरणा
इस वैश्विक उपलब्धि से न केवल संस्थान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बल मिलेगा, बल्कि भारत में पशु चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। यह सफलता पशुधन विकास, खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि प्रणाली को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।