बरेली के रोहिलखंड विश्वविद्यालय का वैश्विक स्तर पर डंका: नेचर इंडेक्स में दमदार एंट्री, देश में टॉप 200 में जगह
बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय ने वैश्विक मंच पर अपनी शैक्षणिक ताकत का परचम लहराते हुए नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2026 में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है। विश्वविद्यालय ने न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी शोध क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता का मजबूत प्रदर्शन दर्ज कराया है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2026 में समग्र श्रेणी में भारत में 168वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि शैक्षणिक प्रदर्शन में 137वां स्थान हासिल किया है। वैश्विक स्तर पर भी विश्वविद्यालय ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए समग्र श्रेणी में 4159वां और शैक्षणिक प्रदर्शन में 2442वां स्थान प्राप्त किया है।
मंगलवार को यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने साझा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। इस श्रेणी में विश्वविद्यालय ने भारत में 93वां स्थान और वैश्विक स्तर पर 2135वां स्थान हासिल किया है, जो शोध गतिविधियों की गुणवत्ता को दर्शाता है।
नेचर इंडेक्स एक प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग प्रणाली है, जो प्राकृतिक और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में प्रकाशित उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन करती है। यह सूचकांक 145 चयनित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्रों को ट्रैक करता है, जिनका चयन स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा उनकी गुणवत्ता और प्रतिष्ठा के आधार पर किया जाता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और छात्रों की निरंतर मेहनत और समर्पण को दिया है। प्रशासन का मानना है कि यह सफलता न केवल विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता को प्रमाणित करती है, बल्कि उसकी वैश्विक पहचान को भी और मजबूत करती है।
कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उच्च गुणवत्ता वाले शोध, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह उपलब्धि आने वाले समय में संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।