बलूचिस्तान के 11 शहरों में बीएलए का हमला, 27 सैनिकों की मौत, पाक आर्मी का दावा- 57 लड़ाके मारे गए
बीएलए के हमलों में पाकिस्तान आर्मी के 12 से ज़्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं और 13 पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है। कई शहरों में अभी भी लड़ाकों और पाक सैनिकों के बीच मुठभेड़ जारी है।
इस्लामाबाद। बलूचिस्तान की शस्त्र लड़ाई लड़ने वाली बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) पिछले 10 घंटों से पाकिस्तानी सेना, आईएसआई, पुलिस और सरकारी ठिकानों पर जबरदस्त हमले कर रही है। ये हमले पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के 11 शहरों में किए जा रहे हैं, जिसमें राजधानी क्वेटा, माष्टुंग, कलाट, ग्वादर, नुश्की, दलबदिन, खरान, ओर्नाच, पंजगुर, टंप और पशनी शामिल हैं। इन 11 शहरों में बलूच लड़ाकों ने सेना के दफ्तरों, पुलिस थानों, बैंक, सरकारी प्रशानिक दफ्तरों और ISI के दफ्तरों को निशाना बनाया है।
सबसे ज्यादा बुरी स्थिति राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाकों की है, जहां अब से कुछ देर पहले बलूच लड़ाकों ने अवाम बैंक में पहले 38 लाख रुपये की लूटपाट की और फिर उसमें आग लगा दी। इसी तरह क्वेटा में स्थित पुलिस थाने को भी बलूच लड़ाकों ने पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद फूंक दिया। क्वेटा में ही एक पुलिस की वैन को भी बलूच लड़ाकों ने रॉकेट लांचर से निशाना बनाया, जिसमें सवार दो पुलिसकर्मियों की मौके पर मौत हो गई। इसके अलावा बलूचिस्तान विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज के बाहर तैनात सेना के सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए बलूच लड़ाकों ने रॉकेट लांचर से प्रहार किया।
ग्वादर स्थित पाकिस्तानी सेना के एक बेस पर भी बलूच लड़ाकों ने भीषण हमला किया। इसमें तीन सैनिकों और 5 बलूच लड़कों की मौत हो गई। इतना ही नहीं, राजधानी क्वेटा को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले हाईवे पर अभी भी बलूच लड़ाके तैनात हैं। जानकारी के मुताबिक, बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में शाम चार बजे तक कुल 9 धमाके हुए और अकेले क्वेटा में ही 7 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। साथ ही बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी क्वेटा में भारी सुरक्षा के बीच घटनास्थल का दौरा किया, जहां बीएलए ने सबसे पहले हमला किया था।
जानकारी के मुताबिक, बीएलए के हमलों में पाकिस्तानी सेना के कुल 12 से ज़्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं। वहीं, पुलिस के भी 13 कर्मियों की मौत हो चुकी है। साथ ही 28 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि पाकिस्तान की सरकार के मुताबिक, शाम 4 बजे तक उसकी सुरक्षा एजेंसियों ने बीएलए के 57 लड़ाकों को मार गिराया है. जिसकी कुछ तस्वीरें भी पाकिस्तानी सेना ने जारी की गई।
तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बीएलए के लड़ाकों से पार पाने के लिए ग्वादर में सेना ने ड्रोन स्ट्राइक की और पशनी में मुठभेड़ में बीएलए के लड़ाकों को मार गिराया। हालांकि, अभी भी सेना और बीएलएके बीच 11 शहरों में मुठभेड़ जारी है और फिलहाल क्वेटा की तरफ आने वाली और जाने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
बीएलए ने हमले के अलावा, नोकुशी शहर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद हुसैन समेत कई अन्य सरकारी अफसरों को बंधक भी बनाया है। साथ ही इस पूरे हमले को बीएलए ने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 करार दिया है। इस पूरे ऑपरेशन की कमान खुद बलूच लिबरेशन आर्मी का कमांडर बशीर जैब बलूच संभाल रहा है।
बीएलए ने जिस तरह आज एक साथ 11 शहरों में हमले किए हैं और अभी भी राजधानी क्वेटा समेत बलूचिस्तान के अन्य इलाकों में बलूच लड़ाके हमला कर रहे हैं। पाकिस्तान के सुरक्षा बल 10 घंटे के बाद भी उनसे पार पाने में संघर्ष कर रहे हैं। खरान और ग्वादर में लोगो के घरों के आसपास गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही और नोश्की में पाकिस्तानी सेना का हमलावर ड्रोन भी उड़ता हुआ दिखा है। साथ ही बलूच लड़कों ने नोश्की स्थित काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है और 8 CTD के अधिकारियों को अपने कब्जे में ले लिया है।
ऐसे में बलूचिस्तान की खानों में अमेरिका समेत अन्य देशों के विदेशी निवेश का पाकिस्तान का ख्वाब संकट में पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका समेत सभी पश्चिमी देश सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ही निवेश करते हैं। पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जनरल आसिम मुनीर के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले साल बलूचिस्तान की रिको डिक खान में निवेश के निमंत्रण के बाद इस समय अमेरिकी सरकार निवेश करने से पहल सुरक्षा पहलुओं का असेसमेंट कर रही थी। ऐसे में आज बलूचिस्तान में हुआ BLA का हमला बलूचिस्तान की खानों में विदेशीं निवेशों के रास्तों को बंद करने या फिर टालने के लिए तो काफी है।