बॉलीवुड ने खोया अपना एक चर्चित चेहरा, फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, बॉलीवुड शोकमग्न

हिंदी फिल्म जगत के वरिष्ठ निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। मंगलवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा।

Jun 4, 2026 - 12:49
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बॉलीवुड ने खोया अपना एक चर्चित चेहरा, फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, बॉलीवुड शोकमग्न
फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी।

मुंबई। हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्माता और पूर्व CBFC अध्यक्ष पहलाज निहलानी के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। करीब चार दशकों तक फिल्म जगत में सक्रिय रहे निहलानी ने कई सफल और चर्चित फिल्मों का निर्माण किया तथा फिल्म प्रमाणन व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से लिवर से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे। बीती रात उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

1980 के दशक से शुरू हुआ फिल्मी सफर

पहलाज निहलानी ने 1980 के दशक की शुरुआत में फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म हथकड़ी वर्ष 1982 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने आंधी -तूफान और इल्जाम जैसी फिल्मों का निर्माण किया।

फिल्म इल्जाम विशेष रूप से इसलिए याद की जाती है क्योंकि इसी फिल्म से गोविंदा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। बाद में गोविंदा हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल हुए।

कई हिट फिल्मों से जुड़ा रहा नाम

अपने लंबे करियर में निहलानी ने व्यावसायिक सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों का निर्माण किया। इनमें प्रमुख रूप से आँखें, अंदाज, तलाश, रंगीला राजा, जूली 2 शामिल हैं। उनकी फिल्मों ने अलग-अलग दौर में दर्शकों का मनोरंजन किया और बॉक्स ऑफिस पर अपनी पहचान बनाई।

सीबीएफसी में रहा विवादों और चर्चाओं से भरा कार्यकाल

वर्ष 2015 से 2017 तक पहलाज निहलानी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान फिल्म सेंसरशिप, प्रमाणन प्रक्रिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर कई बड़े विवाद सामने आए। फिल्मों में कटौती और प्रमाणन से जुड़े उनके कई फैसलों ने फिल्म जगत और दर्शकों के बीच व्यापक बहस छेड़ी। इसी वजह से वह हाल के वर्षों में CBFC के सबसे चर्चित अध्यक्षों में गिने जाते रहे।

फिल्म जगत में छोड़ी अमिट छाप

पहलाज निहलानी केवल एक निर्माता ही नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के उस दौर के प्रतिनिधि थे, जिसने व्यावसायिक फिल्मों को नई पहचान दिलाई। निर्माता, वितरक और फिल्म प्रशासक के रूप में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से बॉलीवुड ने एक ऐसा नाम खो दिया है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर भारतीय सिनेमा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।