पालीवाल पार्क में चला स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान, ‘नो प्लास्टिक ज़ोन’ घोषित करने और प्राकृतिक मल्च बचाने को लेकर उठी जोरदार आवाज
आगरा। आगरा के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर स्वरूप पालीवाल पार्क में रविवार सुबह स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ी मांगें उठीं। प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक चले इस अभियान में बड़ी संख्या में नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने सहभागिता की। अभियान का नेतृत्व समाजसेवी डॉ. संजीव गोयल ने किया, जिसमें डीपी सिंह (सेवानिवृत्त डीएफओ), वरिष्ठ अधिवक्ता के.सी. जैन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्लास्टिक हटाओ, पार्क बचाओ की गूंज
अभियान के दौरान पार्क में फैले प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया और जोरदार मांग उठाई गई कि पालीवाल पार्क को तत्काल प्रभाव से नो प्लास्टिक ज़ोन घोषित किया जाए। उपस्थित लोगों ने कहा कि पार्क में प्लास्टिक सामग्री के प्रवेश और उपयोग पर सख्त रोक लगाई जानी चाहिए तथा इसके लिए स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए।
सूखे पत्ते हटाने पर सवाल, ‘मल्च’ को बताया प्राकृतिक सुरक्षा कवच
कार्यक्रम में अधिवक्ता के.सी. जैन ने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि पार्क में स्वच्छता के नाम पर पेड़ों के नीचे गिरे सूखे पत्तों को हटाया जा रहा है, जो गलत और पर्यावरण विरोधी कदम है।
उन्होंने कहा कि सूखे पत्ते मिट्टी के लिए प्राकृतिक मल्च (Mulch) का कार्य करते हैं, जो नमी बनाए रखते हैं, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और जड़ों को तापमान से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इनका लगातार हटाया जाना पर्यावरण संतुलन के लिए हानिकारक है।
वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की मांग
डीपी सिंह (सेवानिवृत्त डीएफओ) ने सुझाव दिया कि दिल्ली की तर्ज पर पार्क में बागवानी अपशिष्ट के लिए ऊंचे ढांचे और जालीदार व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे सूखे पत्तों से प्राकृतिक कम्पोस्ट तैयार की जा सके और उसे पुनः पौधों में उपयोग किया जा सके।
‘प्लास्टिक हटे, प्रकृति बचे’ का संदेश
अभियान में यह संदेश दिया गया कि वास्तविक स्वच्छता प्लास्टिक और गैर-जैविक कचरे को हटाने में है, न कि प्राकृतिक तत्वों को समाप्त करने में। प्लास्टिक पर्यावरण, मिट्टी और जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा है।
पर्यावरण प्रेमियों ने नागरिकों से अपील की कि वे पार्क को अपनी संपत्ति मानकर उसकी स्वच्छता और हरियाली की जिम्मेदारी स्वयं निभाएं।
बच्चों और परिवारों के लिए सुरक्षित हरित पार्क की मांग
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि पार्क केवल मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य का केंद्र हैं। इसलिए इन्हें प्लास्टिक मुक्त, सुरक्षित और प्राकृतिक स्वरूप में संरक्षित रखना आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियां प्रकृति से जुड़ी रहें।
सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
अंत में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्थायी स्वच्छता तभी संभव है जब नागरिक स्वयं जिम्मेदारी निभाएं। पालीवाल पार्क आगरा की पहचान है, और इसे संरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में डीपी सिंह को अंकोल का पौधा भेंट किया गया। इस अवसर पर किशोर जैन, डॉ. आदित्य राय, डॉ. मानसी राय, अनिल अग्रवाल, संजय अग्रवाल, हेमेन्द्र अग्रवाल, रवि शंकर अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।