18 साल पहले खरीदे मकान पर कब्जे की साजिश: आगरा में कूटरचित दस्तावेज बनाकर बेच दी गरीब महिला की जमीन, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
आगरा। एक गरीब महिला की 18 वर्ष पहले खरीदे गये मकान को कथित रूप से शातिरों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया। आरोप है कि मकान पर कब्जा करने के लिए महिला पर लगातार दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। पीड़िता ने जब पुलिस से शिकायत की तो सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अधिवक्ता नरेश पारस के माध्यम से न्यायालय में 173(4) बीएनएसएस के तहत याचिका दायर की गई। न्यायालय के आदेश पर थाना जगदीशपुर में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि उसने करीब 18 साल पहले जमीन खरीदी थी (जिस पर एक कमरा बना हुआ है। तभी से वह उस पर अपना दावा रखे हुए थी। इसी बीच कुछ लोगों ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन का सौदा कर दिया। जब महिला को इसकी जानकारी हुई तो उसने विरोध किया, जिसके बाद उसे धमकाया जाने लगा।
बेदखल करने के लिए बनाया दबाव
महिला का कहना है कि आरोपियों ने जमीन खाली कराने के लिए लगातार दबाव बनाया। विगत 10 दिसम्बर 2025 को विपक्षी घर में घुस आए और मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और डराने-धमकाया गया। पीड़िता ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। पीड़िता का कहना है कि वह इस मकान में 4 जून 2007 से रह रही है।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
अधिवक्ता नरेश पारस ने बताया कि पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए थाना जगदीशपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमे में पप्पू, तुलसा, लक्ष्मी, राधेश्याम और मोनू सभी निवासी नई आबादी, रामनगर, थाना जगदीशपुरा आगरा को नामजद किया गया है।
दस्तावेज और कब्जे की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों, रजिस्ट्री और कथित फर्जी कागजातों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की भूमिका और जमीन के लेनदेन की पूरी प्रक्रिया को खंगाला जा रहा है।