अल-फलाह यूनिवर्सिटी को फंडिंग की जांच ईडी को, जैश मॉड्यूल की चार कारें बरामद, पांचवीं की तलाश
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। सूचना है कि केंद्र सरकार अल-फलाह विश्वविद्यालय की फंडिंग और वित्तीय लेनदेन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपने जा रही है। साथ ही, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को विश्वविद्यालय के कामकाज की गहराई से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी चार कारें बरामद की जा चुकी हैं, जबकि फरीदाबाद क्राइम ब्रांच अब भी एक और संदिग्ध वाहन की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां तीनों मोर्चों पर समन्वय के साथ तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
भरोसेमंद सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार अल-फलाह विश्वविद्यालय की फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय को जांच का जिम्मा सौंप रही है। वित्तीय जांच एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि विश्वविद्यालय के खातों का फॉरेंसिक ऑडिट कर यह पता लगाया जाए कि क्या विदेश या अन्य स्रोतों से आए फंड का उपयोग किन गतिविधियों में किया गया।
इसी क्रम में आर्थिक अपराध शाखा को भी विश्वविद्यालय के कामकाज की गहराई से जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह जांच पहले से चल रही एनआईए की दिल्ली ब्लास्ट जांच से जुड़ती नजर आ रही है, जिसमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क सामने आया था।
इस बीच फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने जैश आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी चार गाड़ियां बरामद की हैं और एक और संदिग्ध वाहन की तलाश तेज कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक पहली कार: स्विफ्ट डिजायर है, जो डॉ. शाहीन के नाम पर थी और डॉ. मोज़म्मिल द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी। इसी से सबसे पहले हथियार बरामद किए गए थे।
दूसरी कार: i20, जिसका इस्तेमाल ब्लास्ट ऑपरेशन में हुआ था। तीसरी कार: ईकोस्पोर्ट है, जो फरीदाबाद में बरामद हुई है। चौथी कार: ब्रीजा है, जिसे हाल ही में जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल आतंकी लॉजिस्टिक सपोर्ट और हथियारों की सप्लाई चैन में किया गया था। फरीदाबाद की टीमें अब पांचवीं कार की तलाश में जुटी हैं, जो जैश मॉड्यूल के मुख्य कनेक्शन को उजागर कर सकती है।