सशक्त युवती, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र’ का संदेश, सूरसदन में गूंजी छात्राओं की आवाज
आगरा के सूरसदन प्रेक्षागृह में एबीवीपी आगरा महानगर की ओर से ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन में करीब 2000 छात्राओं एवं युवतियों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता, महिला स्वास्थ्य, बाल अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी में युवतियों की भूमिका पर जोर दिया। प्रो. आशु रानी ने शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया, जबकि डॉ. वीना लवानिया और डॉ. पूनम सिंह ने आधुनिकता के साथ संस्कृति और सामाजिक दायित्वों का संतुलन बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शोभायात्रा और खुले मंच का आयोजन भी हुआ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ में शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी पर मंथन, वक्ताओं ने कहा- नारी शक्ति के बिना राष्ट्र की प्रगति अधूरी
आगरा। शिक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की सक्रिय भागीदारी के संदेश के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) आगरा महानगर की ओर से ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ का आयोजन सूरसदन प्रेक्षागृह में किया गया। सम्मेलन में शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आईं करीब 2000 छात्राओं एवं युवतियों ने सहभागिता की। पूरा सभागार नारी शक्ति की ऊर्जा, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. आशु रानी, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. वीना लवानिया, डॉ. पूनम सिंह, अंजली, प्रांत उपाध्यक्ष राजेश लवानिया, विभाग छात्रा प्रमुख दीक्षा चौधरी और महानगर मंत्री शिवांग खंडेलवाल ने मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
शिक्षा के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे युवतियों की भूमिका
मुख्य अतिथि अंबेडकर विवि की कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि जब कोई युवती सामाजिक क्षेत्र में कदम रखती है तो वह केवल किसी एक समस्या का समाधान नहीं करती, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए नई राह तैयार करती है। आज की युवा पीढ़ी के पास तकनीक और संवेदना का अनूठा मेल है। इसका उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की उन्नति आज की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है और इसे नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी के बिना हासिल नहीं किया जा सकता। युवतियों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज के उत्थान में योगदान देना भी होना चाहिए।
युवतियां सामाजिक बदलाव की निर्णायक शक्ति : डॉ. वीना लवानिया
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. वीना लवानिया ने कहा कि आज समाज को ऐसे नए विचारों और संवेदनशील दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकें। युवतियां अपनी ऊर्जा, नवाचार और संवेदनशीलता के बल पर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रसार, बाल अधिकारों की रक्षा, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में युवतियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जब किसी घर की बेटी उच्च शिक्षा हासिल करती है और उससे पूछा जाता है कि वह पढ़-लिखकर क्या करेगी, तो उसका जवाब होना चाहिए—‘मैं खुद पढ़ूंगी और अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा के लिए प्रेरित करूंगी।’
आधुनिकता के साथ संस्कृति और संस्कारों का संतुलन जरूरी
डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि ‘सशक्त युवती, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र’ की भावना के साथ युवतियों की सामाजिक भागीदारी को और व्यापक बनाने की आवश्यकता है। सम्मेलन में दो हजार से अधिक छात्राओं एवं युवतियों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि युवा पीढ़ी सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूक है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी संस्कृति और संस्कारों को भूल जाना नहीं है। आज की युवती को शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। आधुनिकता वही है, जिसमें प्रगति के साथ अपनी संस्कृति और मूल्यों को भी साथ लेकर चला जाए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
अग्निशिखा युवती सम्मेलन को दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में विभिन्न वक्ताओं ने छात्राओं एवं युवतियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में संबोधित किया। दूसरे सत्र में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शोभायात्रा और खुले मंच का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शोभायात्रा के दौरान भी युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन हिमांशी माहौर ने किया।
इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री अनुज ठाकुर, विभाग संगठन मंत्री रजत जोशी, प्रांत कार्यालय मंत्री अभिषेक मौर्य, राष्ट्रीय मीडिया टीम सदस्य सुमित शर्मा, प्रांत सहमंत्री पुनीत कुमार, विभाग संयोजक दीपक कश्यप, टीना बघेल, तपस्या त्रिपाठी, नितिन दुबे, रॉनित परमार, प्रथम, शिवम, दीपक, विवेक, रचित, मयंक, पीयूष, कार्तिक, सागर सहित एबीवीपी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन ने छात्राओं और युवतियों के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण की भी महत्वपूर्ण शक्ति है।