बरेली में आग का ऐसा कहर कि राख हो गया कबूतरखाना: सैकड़ों बेजुबान जिंदा जले, तंग गलियों ने बढ़ाईं राहत कार्य की मुश्किलें

-आरके सिंह- बरेली। शहर के बारादरी थाना क्षेत्र स्थित कुतुबशाह की जियारत इलाके में सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक मकान की छत पर बने कबूतरखाने में अचानक लगी भीषण आग ने सैकड़ों बेजुबान पक्षियों की जान ले ली। आग इतनी तेजी से फैली कि दड़बे में बंद कबूतर बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके और जिंदा जल गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। तंग और घनी आबादी वाली गलियों के कारण राहत कार्य भी प्रभावित रहा और दमकल वाहनों के पहुंचने में भारी दिक्कत की स्थिति बनी रही।

Jun 8, 2026 - 20:52
 0
बरेली में आग का ऐसा कहर कि राख हो गया कबूतरखाना: सैकड़ों बेजुबान जिंदा जले, तंग गलियों ने बढ़ाईं राहत कार्य की मुश्किलें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारादरी थाना क्षेत्र में कुतुब शाह मजार के पास कसाई टोला निवासी उवैश के मकान की ऊपरी मंजिल पर कबूतरों के लिए बड़ा दड़बा बनाया गया था। सोमवार को अचानक कबूतरखाने में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। दड़बे में मौजूद सैकड़ों कबूतर धुएं और आग के बीच फंस गए। कई कबूतरों ने उड़कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन अधिकांश पक्षी बाहर नहीं निकल सके और आग में झुलसकर मर गए।

आग लगते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बाल्टियों, पाइपों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। मकान मालिक उवैश और मोहल्ले के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना ऐसे क्षेत्र में हुई जहां गलियां बेहद संकरी और आबादी अत्यधिक घनी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वजह से दमकल विभाग को तत्काल सूचना नहीं दी जा सकी और अग्निशमन वाहनों के पहुंचने में भी गंभीर बाधाएं थीं। आग बुझने के बाद बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई।

आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शॉर्ट सर्किट, गर्मी या अन्य किसी कारण की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। अग्निशमन विभाग के फायर स्टेशन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई जाएगी और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।

इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक और मायूसी का माहौल है। बड़ी संख्या में लोगों ने बेजुबान पक्षियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस हादसे ने पशु-पक्षियों की सुरक्षा और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

SP_Singh AURGURU Editor