AI से लेकर तेल तक अमेरिका की बेचैनी: भारत पर भड़के ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो, ट्रेड डील गतिरोध के बीच जुबान और तीखी

वॉशिंगटन। अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर जारी गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीनियर बिजनेस एडवाइजर पीटर नवारो ने भारत को लेकर एक बार फिर तीखे और विवादास्पद बयान दिए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टैरिफ नीति और रूस से तेल आयात जैसे मुद्दों पर भारत को निशाने पर लेते हुए नवारो ने सवाल उठाया कि अमेरिकी उपभोक्ता भारत को AI सेवाओं के लिए भुगतान क्यों करें, जबकि तकनीक और संसाधन अमेरिका के हैं।

Jan 18, 2026 - 17:22
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AI से लेकर तेल तक अमेरिका की बेचैनी: भारत पर भड़के ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो, ट्रेड डील गतिरोध के बीच जुबान और तीखी

AI अमेरिकी ज़मीन पर चलता है, फायदा भारत को क्यों?

व्हाइट हाउस के पूर्व मुख्य रणनीतिकार स्टीव बैनन के साथ ‘रियल अमेरिका वॉइस’ कार्यक्रम में बातचीत के दौरान नवारो ने कहा कि चैटजीपीटी जैसे AI प्लेटफॉर्म अमेरिकी धरती पर संचालित होते हैं, अमेरिकी बिजली और अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हैं, लेकिन इनके बड़े उपभोक्ता भारत, चीन और अन्य देश हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में अमेरिकी लोग भारत में AI सेवाओं के लिए पैसा क्यों खर्च करें। नवारो ने यह भी संकेत दिया कि AI डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले समय में अमेरिका की व्यापार नीति का बड़ा मुद्दा बनने वाले हैं।

भारत को बताया ‘टैरिफ का महाराजा’

पीटर नवारो ने भारत को लेकर अपनी पुरानी आलोचनात्मक लाइन दोहराते हुए कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख देशों में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश है। उन्होंने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार देते हुए कहा कि अमेरिकी निर्यातकों को भारतीय बाजार में भारी शुल्क का सामना करना पड़ता है।

रूसी तेल पर फिर हमला

नवारो ने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भारत रूसी तेल खरीदकर रूस की यूक्रेन युद्ध मशीन को अप्रत्यक्ष रूप से फंड कर रहा है। इससे पहले भी नवारो भारत को लेकर बेहद विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं, जिनमें रूस के संदर्भ में ‘क्रेमलिन का लॉन्ड्रोमैट’ जैसी टिप्पणी शामिल रही है।

अमेरिकी खेती की ज़मीन पर विदेशी खरीद को लेकर चिंता

AI और टैरिफ के अलावा नवारो ने अमेरिका में कृषि भूमि की विदेशी खरीद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थाएं अमेरिकी खेती की जमीन उसकी वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दाम पर खरीद रही हैं, जिससे भविष्य में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा है।

50% टैरिफ और रुकी ट्रेड डील

नवारो के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर रखे हैं। यह कदम भारत द्वारा रूस से रियायती दरों पर तेल खरीद जारी रखने के फैसले के बाद उठाया गया।
भारत रूस से तेल आयात को ऊर्जा सुरक्षा का विषय बताता रहा है और उसका कहना है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं कर रहा। आंकड़ों के अनुसार, भारत का रूस से तेल आयात 2019-20 में 1.7 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में करीब 35 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

पहले भी विवादों में रहे हैं नवारो

पीटर नवारो ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही कठोर टैरिफ नीति के प्रबल समर्थक रहे हैं और चीन के खिलाफ टैरिफ युद्ध में उनकी अहम भूमिका रही है। भारत को लेकर उनकी पूर्व टिप्पणियां भी विवादों में रही हैं, जिनमें 2025 में की गई एक आपत्तिजनक तुलना पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।

SP_Singh AURGURU Editor