सिंगापुर से हादी का शव बांग्लादेश पहुंचा, बवाल जारी, हिंदू युवक को मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मारा

 बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। राजधानी ढाका में दो प्रमुख अखबारों के दफ्तर में आग लगा दी गई। मोहम्मद यूनुस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस बीच हादी का शव सिंगापुर से बांग्लादेश लाया गया है।

Dec 19, 2025 - 20:58
Dec 19, 2025 - 21:07
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सिंगापुर से हादी का शव बांग्लादेश पहुंचा, बवाल जारी, हिंदू युवक को मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मारा


ढाका। बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत हो गई। 32 वर्षीय हादी को पिछले सप्ताह शुक्रवार को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान बाइक सवार बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी। हादी के सिर में गोली लगी थी जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया। हादी को सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के मुख्य सलाकार मोहम्मद यूनुस ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। वहीं, मौत की खबर मिलते ही गुरुवार देर रात ढाका समेत बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा भड़क उठी, जो शुक्रवार को भी जारी रही।

बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने हालिया हिंसा को देश को अस्थिर करने का ब्लूप्रिंट करार दिया है। उन्होंने उस्मान हादी की हत्या की निंदा की है लेकिन साथ ही कहा कि हमारा मानना है ये हमले एक ब्लू प्रिंट का हिस्सा हैं। यह देश को अस्थिर करने की कोशिश है।

मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने पुष्टि की है कि उस्मान हादी का पार्थिव शरीर बांग्लादेश के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच गया है। हादी के पार्थिव शरीर को लेकर बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट बीजी-585 शाम 5:48 बजे (बांग्लादेश समय) सिंगापुर से ढाका में उतरी।

शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पूरे बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने युवा नेता हादी को गोली मारकर हत्या करने वाले बंदूकधारियों की गिरफ्तारी की मांग की है। 32 साल के उस्मान हादी की गुरुवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत के बाद से ही हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद नई दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस के टीवी संबोधन में हादी की मौत की पुष्टि के बाद बांग्लादेश में तनाव फैल गया, जिससे गुरुवार रात को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, हमले और तोड़फोड़ हुई।

भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में ‘घटनाक्रम के पीछे कट्टरपंथियों का हाथ है’। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि स्थिति पर उनका नियंत्रण है। भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय स्थिति से उचित ढंग से निपट रहे हैं तथा वे उसी अनुरूप जवाब देंगे। राज्यसभा सदस्य ने संवाददाता सम्मेलन में बांग्लादेश की स्थिति से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, “बांग्लादेश में कट्टरपंथ और चरमपंथ कैंसर की तरह फैल रहा है। सभी सही सोच वाले लोगों को इस खतरे से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा,“1980 के दशक से ही बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें अपनी जड़ें फैला रही हैं। यह हदें पार कर चुकी हैं। जैसा कि कल रात देखा गया, स्वतंत्र विचारक और उदारवादी व्यक्ति भी हमलों का शिकार हो रहे हैं। पूरी दुनिया कट्टरपंथ का खामियाजा भुगत रही है। एक राष्ट्रवादी सरकार और पार्टी ही इन चुनौतियों का सामना कर सकती है।”

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मैमनसिंह में गुरुवार रात एक हिंदू युवक की पीट-पीट कर हत्या किए जाने की पुष्टि की है। एक बयान में अंतरिम सरकार ने कहा कि वह इसकी पूरी तरह निंदा करती है और नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। गुरुवार रात दीपू चंद्र दास की मैमनसिंह इलाके में भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में हत्या कर दी थी। गारमेंट फैक्ट्री में मजदूरी करने दास पर पैगंबर मोहम्मद के ऊपर अमर्यादित टिप्पणी का आरोप लगाकर भीड़ ने हमला बोल दिया था। हत्या के बाद उनके शव को पेड़ से बांधकर जला दिया गया था।

बांग्लादेश के चटगांव में भारत के सहायक उच्चायोग के बाहर हिंसा भड़क उठी, जिसमें दो पुलिस अधिकारियों समेत चार लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार तड़के चटगांव के खुलशी इलाके में भारतीय मिशन के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और दफ्तर परिसर में तोड़फोड़ की। चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर हसीब अजीज ने बताया कि पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इन पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

बांग्‍लादेश में ईशनिंदा के आरोप में कथित रूप से एक हिंदू युवक को गुरुवार की रात को मयमेनसिंह जिले में कथित रूप से ईशनिंदा के आरोप में कट्टरपंथियों की भीड़ ने मार डाला। यह घटना तब हुई जब देश में छात्र नेता शरीफ उस्‍मान हादी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसमें कट्टरपंथी भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं। भारतीय उच्‍चायुक्‍त को धमकी दी जा रही है। पीड़‍ित हिंदू युवक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है। यह फैक्‍ट्री में काम करता था।