इजरायली जेल से भाग कर हमास में शामिल हुआ था सिनवार
इजरायल ने हमास के खिलाफ बीते एक साल से जारी युद्ध में बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। उसने कल हमास नेता याह्या सिनवार को मार गिराने की पुष्टि की। इसके साथ ही हमास की कमर टूट गई है। अब उसका कोई बड़ा नेता नहीं बचा है, जो इस आतंकी संगठन को आगे चला सके। इसके बावजूद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू कहते हैं कि अभी यह युद्ध खत्म नहीं हुआ है।
तेल अवीव।
याह्या सिनवार का जन्म 1962 में गाजा पट्टी में खान यूनिस के एक शरणार्थी शिविर में हुआ था। उसका परिवार उन सात लाख से ज्यादा फिलस्तीनियों में से एक था जो 1948 के युद्ध में इजरायली सेना की ओर से निकाल दिए गए थे। 20 साल की उम्र में इजरायल ने उसे चार फिलस्तीनियों की हत्या में दोषी ठहराया। 20 साल की उम्र में उसे फिलस्तीनी मुखबिरों की हत्या का दोषी ठहराया गया था। 22 साल तक जेल में रहने के दौरान उसने हिब्रू सीखी, अपने दुश्मनों का अध्ययन किया। जेल में रहने के दौरान उसके दांत और डीएनए का रेकॉर्ड रखा गया। इसी से उसके शव की पहचान हो पाई।
जेल में एक बार सिनवार की तबीयत बहुत खराब हो गई थी। उसके बचने की उम्मीद नहीं के बराबर थी, तब इजरायल ने ही उसका आपरेशन कराया। इसके चलते उसकी जान बच गई थी। उसे जब पता चला कि इजरायल ने ही उसकी जान की रक्षा की तो वह काफी रोया था। बताया जाता है कि वह बड़ा डरपोक था और किसी भी छोटी घटना के बाद वह रोने लगता था। उसके हाथ-पैर कांपने लगते थे।
हालांकि इजरायल की जेल से भागने की सिनवार ने दो बार कोशिश की थी। पहली बार में तो वह पकड़ा गया और जब उसे इसके लिए दंडित किया जाने लगा तो वह थर-थर कांप रहा था और रो रहा था। लेकिन दूसरी बार में वह जेल से भागने में सफल हो गया और लेबनान चला गया। वहां उसे हमास में शामिल कराया गया और वह गाजा पहुंच गया। चूंकि वह इजरायली जेल में रहा था, इसलिए उसे इजरायली सेना के काम के तरीके पता थे। उसे हमास में कामयाबी मिली और डिप्टी कमांडर बन गया। इसके बाद से वह लगातार हमास के लिए काम करता रहा।
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सैनिकों की तारीफ की और साफ कहा कि यह जीत चाहे जितनी बड़ी हो, यह युद्ध का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने एक बार फिर साफ कर दिया है कि हमें नुकसान पहुंचाने वालों का क्या होता है। आज हमने एक बार फिर दुनिया को बुराई पर अच्छाई की जीत दिखाई है। हालांकि यह कठिन है और हमें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। बड़ी चुनौतियां अभी भी हमारे सामने हैं। हमें धैर्य, एकता, साहस और दृढ़ता की जरूरत है।
पिछले एक साल से गाजा का युद्ध चल रहा है। इजरायल को एक बड़ी जीत की जरूरत थी। पीएम नेतन्याहू ने कहा कि उनका लक्ष्य बंधकों को लाना है। हालांकि एक साल से चल रहे युद्ध में भी इजरायल को अभी तक कामयाबी नहीं मिल सकी है। बंधक अभी भी आजाद नहीं है और हमास लड़ रहा है। सिनवार को मारना वह जीत थी, जो इजरायल चाहता था। हम एक साथ लड़ेंगे।'