दीवानी कोर्ट में हाईवोल्टेज ड्रामा,महिला ने दिखाई चोटें,पुलिस पर गंभीर आरोपों के बाद जांच शुरू
दीवानी कोर्ट में महिला आरोपी की पेशी के दौरान हंगामा। एनबीडब्ल्यू के तहत गिरफ्तार महिला को पेश करने आई थी पुलिस। महिला ने पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। महिला के शरीर पर चोट के निशान होने का दावा। वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी कहासुनी हुई। कोर्ट ने महिला का मेडिकल कराने के आदेश दिए। सिकंदरा थाने के दरोगा सुरजीत समेत दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के निर्देश। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
एनबीडब्ल्यू पर पेशी के दौरान मचा बवाल, वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी
आगरा। आगरा की दीवानी कोर्ट परिसर में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब गैर-जमानती वारंट (NBW) के तहत गिरफ्तार की गई एक महिला आरोपी को पेशी के लिए लाया गया। पेशी के दौरान महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसके साथ मारपीट की गई है। महिला के आरोपों के बाद कोर्ट परिसर में माहौल गर्म हो गया और वकीलों तथा पुलिसकर्मियों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार, थाना सिकंदरा में तैनात दरोगा सुरजीत और अन्य पुलिसकर्मी महिला आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान महिला ने अदालत के सामने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की, जिसके कारण उसके शरीर पर चोट के निशान हैं।
महिला के आरोप सामने आते ही कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने मामले को गंभीरता से उठाया। कुछ वकीलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए, जबकि पुलिसकर्मियों ने आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने तत्काल संज्ञान लिया। महिला के शरीर पर चोट के निशान होने के दावे को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने उसका मेडिकल परीक्षण कराने के आदेश दिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और चोटों की प्रकृति का पता लगाया जा सके।
इसके साथ ही अदालत ने थाना सिकंदरा में तैनात दरोगा सुरजीत समेत दो पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय किया जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
घटना के बाद कोर्ट परिसर में इस मामले की चर्चा पूरे दिन होती रही। अब सभी की निगाहें मेडिकल रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिनसे पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।