कांवड़ यात्रा पर बरेली परिक्षेत्र में सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 10 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा; ड्रोन, सीसीटीवी और आईसीसीसी से होगी निगरानी- डीआईजी

-आरके सिंह- बरेली। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने इस बार व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जनपदों में कांवड़ मार्गों, घाटों, शिवालयों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का बहुस्तरीय इंतजाम किया गया है। पूरे परिक्षेत्र में करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने बताया कि यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चारों जिलों को 8 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है।

Jul 29, 2026 - 22:22
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कांवड़ यात्रा पर बरेली परिक्षेत्र में सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 10 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा; ड्रोन, सीसीटीवी और आईसीसीसी से होगी निगरानी- डीआईजी

डीआईजी ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कछला घाट, हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल लेकर बरेली परिक्षेत्र के विभिन्न शिवालयों और अन्य जनपदों की ओर जाते हैं। इसे देखते हुए उत्तराखंड, हरियाणा और आसपास के जनपदों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।

10 हजार पुलिसकर्मी, पीएसी और पैरामिलिट्री बल रहेगा तैनात

डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में करीब 250 इंस्पेक्टर, 1500 सब-इंस्पेक्टर और 8000 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा पीएसी और पैरामिलिट्री बल की भी पर्याप्त तैनाती रहेगी।

महिला श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कांवड़ शिविरों में महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। मिशन शक्ति केंद्रों के सहायता शिविर भी लगाए जाएंगे, जहां महिला कांवड़ियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में महिलाओं के लिए शौचालय, विश्राम कक्ष और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

शिविरों पर प्रशासन की अनुमति अनिवार्य, सीसीटीवी से होगी निगरानी

डीआईजी ने बताया कि इस बार प्रत्येक कांवड़ शिविर के लिए प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शिविर मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर लगाए जाएंगे और कांवड़ स्टैंड भी सड़क से हटकर बनाए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

सभी शिविरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शिविर संचालकों और सेवादारों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य किया गया है। अग्नि सुरक्षा को देखते हुए प्रत्येक रसोई में टीन शेड, अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा उपकरण रखना जरूरी होगा।

आईसीसीसी से होगी चार जिलों की लाइव निगरानी

कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए बरेली पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (आईसीसीसी) स्थापित किया जा रहा है। यहां से बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के कांवड़ मार्गों, प्रमुख घाटों, मंदिरों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों की लाइव निगरानी की जाएगी।

इसके अलावा बड़ी संख्या में ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी 24 घंटे निगरानी की जाएगी।

कछला घाट पर विशेष सुरक्षा, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ और गोताखोर तैनात

जनपद बदायूं के कछला घाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां अस्थायी थाना, चार पुलिस चौकियां, करीब 18 वॉच टावर और आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म, फ्लोटिंग बैरियर, नाव, रिवर पेट्रोलिंग बाइक, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी, गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की गई है, ताकि नदी में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, दुर्घटनाओं पर विशेष नजर

डीआईजी ने बताया कि पिछले वर्षों में डायल-112 से मिली सूचनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं। धार्मिक स्थलों, झांकियों, प्रमुख चौराहों और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

कांवड़ यात्रा के दौरान गौकशी, दुर्घटनाओं और अन्य संवेदनशील मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। कांवड़ मार्ग से जुड़े गांवों के प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक कांवड़ जत्थे के लिए नोडल उपनिरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जिनके पास जत्थे की पूरी जानकारी और संपर्क विवरण रहेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं की भी रहेगी विशेष व्यवस्था

कांवड़ मार्ग के आसपास स्थित अस्पतालों में श्रद्धालुओं के लिए बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति के लिए मोटरसाइकिल एंबुलेंस और जनरेटर युक्त सचल वाहन तैनात किए जाएंगे।

सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई कराई जाएगी और एंटी वेनम इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

डीजे की ऊंचाई और ध्वनि पर भी नियंत्रण

डीआईजी ने बताया कि रेलवे लाइन और विद्युत तारों की सुरक्षा को देखते हुए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट निर्धारित की गई है। डीजे वाहनों की चौड़ाई भी तय मानकों के अनुरूप रखी जाएगी।

डीजे संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें उच्चतम न्यायालय के मानकों के अनुसार ध्वनि सीमा अधिकतम 75 डेसिबल तक रखने के निर्देश दिए गए हैं।

साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं पर भी जोर

कांवड़ मार्गों पर स्थित शराब और मांस की दुकानों, मांस परोसने वाले ढाबों और होटलों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी। नगर निगम, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत और अन्य विभागों के सहयोग से मार्गों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, कूड़ेदान और अन्य नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

SP_Singh AURGURU Editor