एकलव्य स्टेडियम में कोच और आरएसओ के टकराव की जांच को आगरा आए संयुक्त निदेशक, दोनों के बयान दर्ज, लखनऊ में निदेशक को देंगे जांच रिपोर्ट

आगरा। कबड्डी कोच और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के बीच पिछले एक माह से चल रहे विवाद ने अब विभागीय जांच का रूप ले लिया है। खिलाड़ियों को मैस में नाश्ता और भोजन न मिलने से उपजा यह विवाद इतना बढ़ गया कि संयुक्त निदेशक खेल उत्तर प्रदेश राजनरायन सिंह को स्वयं आगरा आकर मामले की जांच करनी पड़ी। एकलव्य स्टेडियम पहुंचकर उन्होंने दोनों पक्षों से आमने-सामने बात की, साक्ष्य जुटाए और लिखित बयान लेकर पूरे मामले को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया।

Apr 8, 2026 - 22:06
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एकलव्य स्टेडियम में कोच और आरएसओ के टकराव की जांच को आगरा आए संयुक्त निदेशक, दोनों के बयान दर्ज, लखनऊ में निदेशक को देंगे जांच रिपोर्ट
एकलव्य स्टेडिटम में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और कबड्डी कोच के बीच हुए विवाद की जांच करते संयुक्त निदेशक आरपी सिंह।

बताया गया कि कबड्डी कोच विजयलक्ष्मी सिंह और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा के बीच विवाद की शुरुआत खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं न मिलने से हुई थी। मामला बढ़ने पर इसकी जानकारी खेल निदेशक उप्र आरपी सिंह तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने जांच के निर्देश देते हुए संयुक्त निदेशक आर.एन. सिंह को आगरा भेजा।

संयुक्त निदेशक ने सबसे पहले स्टेडियम के सभी प्रशिक्षकों से बातचीत की और वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान यह भी सामने आया कि इन दिनों सेना भर्ती प्रक्रिया के चलते केवल रजिस्ट्रेशन कार्य चल रहा है और नियमित कोचिंग फिलहाल बंद है। इसके बाद उन्होंने बंद कमरे में कोच और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी से अलग-अलग पूछताछ की और दोनों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि इस प्रकार के विवाद खेल वातावरण को प्रभावित करते हैं और भविष्य में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

जांच के दौरान कोच विजयलक्ष्मी सिंह से उनका पक्ष लिखित रूप में लिया गया, जिसे उन्होंने प्रस्तुत कर दिया है। संयुक्त निदेशक ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और अब वे लखनऊ जाकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट खेल निदेशक को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जांच पूरी करने के बाद वह उसी रात लखनऊ रवाना हो गए।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले तीन दिन पूर्व राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबिता चौहान भी स्टेडियम पहुंची थीं और उन्होंने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराते हुए मामले को शांत कराने का प्रयास किया था। अब विभागीय जांच पूरी होने के बाद माना जा रहा है कि अंतिम निर्णय खेल निदेशालय स्तर पर लिया जाएगा और इस विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों की मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं अब सभी की निगाहें लखनऊ से उठने वाले कदम पर टिकी हैं।

SP_Singh AURGURU Editor