बरेली में कम पी गई शराब, स्टाम्प रजिस्ट्रेशन में जिला अव्वल, समीक्षा में खुली कई विभागों की पोल
-आरके सिंह- बरेली। मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में विकास कार्यों, राजस्व मामलों, गेहूं खरीद, स्वास्थ्य सेवाओं, वृक्षारोपण और आबकारी विभाग की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जहां बरेली जिले के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन कार्यों को लेकर बेहतर प्रदर्शन सामने आया, वहीं आबकारी विभाग की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि मंडल के अन्य जनपदों की तुलना में बरेली जिले में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शराब की बिक्री नहीं हो सकी। इसके अलावा गेहूं खरीद, स्वास्थ्य सेवाओं और लंबित राजस्व वादों को लेकर भी मंडलायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्टाम्प रजिस्ट्रेशन में बरेली सबसे आगे, शराब बिक्री में पीछे
समीक्षा बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की प्रगति का आकलन किया गया, जिसमें बरेली जिला मंडल में प्रथम स्थान पर पाया गया। वहीं आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मंडल के अधिकांश जनपदों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शराब बिक्री हुई, लेकिन बरेली जिला लक्ष्य प्राप्ति से पीछे रहा। इस पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
गेहूं खरीद में मंडल प्रदेश से पीछे, खरीद बढ़ाने के निर्देश
बैठक की शुरुआत गेहूं खरीद की समीक्षा से हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश स्तर पर लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 68 प्रतिशत गेहूं खरीद हो चुकी है, जबकि बरेली मंडल में यह आंकड़ा 58 प्रतिशत है। इस पर मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि प्रदेश के मुकाबले मंडल की स्थिति कमजोर क्यों है और खरीद बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
1.40 करोड़ से अधिक पौधों का लक्ष्य, बनेंगे विशेष वन
वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि बरेली जिले को 33,97,030, बदायूं को 36,46,724, शाहजहांपुर को 38,24,478 तथा पीलीभीत को 31,90,217 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वन विभाग ने बताया कि इस वर्ष वंदे मातरम वन, महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, ऊर्जा वन और कपि वन जैसे विशेष वन विकसित किए जाएंगे। हीट वेव के प्रभाव को कम करने के लिए छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे तथा गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे भी व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्ती, मरीजों से फीडबैक लेने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि शिकायतें मिल रही हैं कि कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डॉक्टर स्वयं उपस्थित नहीं रहते और उनके स्थान पर अन्य लोग कार्य करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि तहसील आंवला क्षेत्र के दो अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज किए जा चुके हैं। मंडलायुक्त ने अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने तथा डिस्चार्ज के बाद फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए पांच काउंटर संचालित हैं तथा ऑनलाइन व्यवस्था भी उपलब्ध है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की भी हुई समीक्षा
विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में स्कूलों में नामांकन सत्यापन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयों का निरीक्षण किया गया और नामांकन सही पाया गया। मंडलायुक्त ने निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों को चिन्हित करने और निजी अस्पतालों से टीकाकरण संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से लेने के निर्देश भी दिए।
सैटेलाइट बस स्टेशन का निर्माण अब भी अटका
मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित सैटेलाइट बस स्टेशन का निर्माण तकनीकी कारणों से अभी शुरू नहीं हो सका है। मंडलायुक्त ने परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।
पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वाद प्राथमिकता पर निपटेंगे
राजस्व विभाग की समीक्षा में धारा-44, धारा-34, धारा-38, धारा-67, धारा-80 और धारा-116 के लंबित मामलों की स्थिति का आकलन किया गया। मंडलायुक्त ने पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बदायूं जिले की स्थिति अन्य जिलों की तुलना में कमजोर पाई गई, जिस पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने को कहा गया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त देवेन्द्र प्रताप, अपर आयुक्त (न्यायिक) प्रीति जायसवाल, जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह, जिलाधिकारी बदायूं अवनीश कुमार राय, जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह, विभिन्न जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी तथा मंडल स्तरीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।