लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पारित, राज्यसभा ने 'वंदे मातरम्' को कानूनी संरक्षण देने वाले बिल को दी मंजूरी

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी मिल गई। लोकसभा ने प्रतियोगी एवं सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर सख्ती के उद्देश्य से लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया, जबकि राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी देते हुए 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय ध्वज के समान कानूनी संरक्षण प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।

Jul 29, 2026 - 19:23
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लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पारित, राज्यसभा ने 'वंदे मातरम्' को कानूनी संरक्षण देने वाले बिल को दी मंजूरी

पेपर लीक और परीक्षा माफिया पर होगी सख्ती

लोकसभा ने ध्वनिमत से लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। संशोधन का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पेपर लीक, संगठित नकल, तकनीकी माध्यमों से होने वाली धांधली तथा परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है।

सदन में चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। संशोधित कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के साथ-साथ संगठित परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायक होगा।

विधेयक की प्रमुख विशेषताएं

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में पेपर लीक, प्रश्नपत्र चोरी, डिजिटल माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया में छेड़छाड़, फर्जी परीक्षार्थी बैठाने और संगठित नकल गिरोह चलाने जैसे अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। गंभीर परीक्षा अपराधों में 3 से 5 वर्ष तक की कैद तथा संगठित गिरोह या बड़े स्तर पर परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मामलों में 5 से 10 वर्ष तक की जेल और न्यूनतम 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों, तकनीकी कंपनियों, प्रिंटिंग प्रेस और अन्य सेवा प्रदाताओं की लापरवाही या मिलीभगत पर भी कार्रवाई की जाएगी। विधेयक में गंभीर मामलों की समयबद्ध जांच, शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष अदालतों और विशेष लोक अभियोजकों की व्यवस्था के साथ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही, डेटा सुरक्षा और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के प्रावधान किए गए हैं।

विपक्ष ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कहा कि केवल कठोर कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक संस्थागत सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। हाल के छात्र आंदोलनों और परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि यह कानून युवाओं के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

'वंदे मातरम्' को मिला राष्ट्रीय सम्मान कानून का संरक्षण

राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी वही वैधानिक संरक्षण मिलेगा, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' और राष्ट्रीय ध्वज को प्राप्त है।

संशोधित कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् का अपमान करता है या उसके प्रति असम्मानजनक व्यवहार करता है, तो उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मौजूदा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

विधेयक की प्रमुख विशेषताएं

वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण। जानबूझकर अपमान या असम्मान करने पर दंडात्मक कार्रवाई। दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष तक के कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान। राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानून के दायरे में वंदे मातरम् को शामिल किया गया।

सरकार ने सदन में कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत रहा है और देश की राष्ट्रीय चेतना तथा अस्मिता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे में इसे भी राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े अन्य प्रतीकों के समान कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाना आवश्यक था।

SP_Singh AURGURU Editor