ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में बड़ा मोड़: रवि यादव की 14 दिन की जुडिशियल कस्टडी रिमांड मंजूर, जेल में होगी पूछताछ, खुल सकते हैं बड़े राज, सीसीटीवी, वायरल ऑडियो और AI एंगल पर जांच तेज, जीएसटी अधिकारी निवेदिता सिंह और नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय भी जांच के दायरे में

आगरा। शहर के चर्चित ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्य आरोपी रवि यादव की 14 दिन की जुडिशियल कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली गई। अदालत के आदेश के बाद अब शनिवार से जेल में ही रवि यादव से गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार कर ली है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

May 22, 2026 - 15:22
 0
ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में बड़ा मोड़: रवि यादव की 14 दिन की जुडिशियल कस्टडी रिमांड मंजूर, जेल में होगी पूछताछ, खुल सकते हैं बड़े राज, सीसीटीवी, वायरल ऑडियो और AI एंगल पर जांच तेज, जीएसटी अधिकारी निवेदिता सिंह और नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय भी जांच के दायरे में
फाइल फोटो- रवि यादव

हत्या में प्रयुक्त कार बनी जांच का बड़ा आधार

पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या में इस्तेमाल की गई कार को लेकर रवि यादव से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें हत्या से पहले और बाद की गतिविधियां कैद बताई जा रही हैं। पुलिस यह जानने में जुटी है कि हत्या के बाद रवि यादव कार खड़ी कर कहां गया और फरारी के दौरान किन लोगों के संपर्क में रहा।

वायरल ऑडियो और AI एंगल की भी होगी जांच

असगर अली हत्याकांड में वायरल ऑडियो भी जांच एजेंसियों के निशाने पर है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल करेगी कि वायरल ऑडियो असली है या फिर उसमें AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया। साइबर और तकनीकी टीमों को भी जांच में लगाया गया है।

जीएसटी अधिकारी निवेदिता सिंह और डॉ. अजय यादव पर उठे सवाल

जांच के दौरान जीएसटी अधिकारी निवेदिता सिंह और नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय यादव के नाम भी चर्चा में आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। मृतक असर अली ने जीएसटी अधिकारी की शिकायतें की हुई थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार रवि यादव के बयान के आधार पर कई अधिकारियों और संपर्कों की भूमिका की जांच की जा सकती है।

फरारी के दौरान किसने दी मदद?

पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान रवि यादव को किसने संरक्षण दिया। उसके मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और संपर्कों को खंगाला जा रहा है। माना जा रहा है कि जेल में पूछताछ के दौरान कई प्रभावशाली नाम सामने आ सकते हैं।

रवि यादव के बयान पर टिकी पूरी जांच

अभी तक की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, लेकिन जांच एजेंसियों की नजर अब रवि यादव की जेल पूछताछ पर टिकी हुई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रवि यादव के बयान से हत्या की साजिश, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

रवि यादव की न्यायिक हिरासत में पूछताछ की मंजूरी के बाद राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। असगर अली हत्याकांड अब केवल हत्या का मामला नहीं, बल्कि सत्ता, सिस्टम और संपर्कों की गहरी परतों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor