फेरों से पहले टूटी शादी, जगदीशपुरा में नाबालिग दुल्हन की सूचना पर पुलिस की दबिश, मंडप में मचा हड़कंप
आगरा के जगदीशपुरा में पुलिस ने चाइल्ड लाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर एक नाबालिग की शादी फेरों से पहले रुकवा दी। हाथरस के सादाबाद से आई बारात को बिना शादी के लौटना पड़ा। आयु प्रमाण पत्र जांच में दुल्हन नाबालिग पाई गई, जिसके बाद उसे आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
आगरा। आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब फेरों से ठीक पहले पुलिस ने पहुंचकर एक नाबालिग की शादी रुकवा दी। मंडप सजा था, दूल्हा सेहरा बांधकर बैठा था, बाराती खाना खा चुके थे, लेकिन ऐन मौके पर आई एक सूचना ने पूरा माहौल बदल दिया।
सूत्रों के अनुसार, चाइल्ड लाइन 1098 पर किसी ने सूचना दी कि जगदीशपुरा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
मंडप में बैठा था दूल्हा, रुक गई रस्में
हाथरस के सादाबाद से बारात धूमधाम से आई थी। अधिकांश बाराती भोजन कर चुके थे और शादी की रस्में शुरू होने वाली थीं। दूल्हा मंडप में बैठ चुका था, पंडित मंत्रोच्चार की तैयारी कर रहे थे। तभी पुलिस पहुंची और उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू की।
आयु प्रमाण पत्र में खुलासा
जांच के दौरान प्रस्तुत किए गए आयु प्रमाण पत्रों की पड़ताल की गई। दस्तावेजों में दुल्हन की उम्र वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। पुष्टि होते ही पुलिस ने तत्काल शादी की रस्में रुकवा दीं।
बिना दुल्हन लौटे दूल्हे की बारात
स्थिति स्पष्ट होने के बाद दूल्हे को बिना शादी किए ही वापस लौटना पड़ा। मंडप में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। परिवार के सदस्यों ने पहले आपत्ति जताई, लेकिन पुलिस ने कानून का हवाला देते हुए सख्ती दिखाई।
दुल्हन को भेजा गया आशा ज्योति केंद्र
नाबालिग दुल्हन को संरक्षण के लिए आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। संबंधित अभिभावकों और आयोजकों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और ऐसी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।