हांगकांग के हाउसिंग कॊम्पलेक्स में भीषण आगः 55 से ज़्यादा मृत, सैकड़ों लोग अभी भी लापता
हांगकांग के ताई पो जिले में लगी भीषण आग ने एक विशाल रिहायशी टावर कॉम्प्लेक्स को तबाही में बदल दिया। 26 नवंबर को लगी इस आग में अब तक कम से कम 55 लोगों की मौत और सैकड़ों के लापता होने की जानकारी सामने आ रही है। निर्माण कंपनी के तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। शुरुआती जांच में फ्लेमेबल मटीरियल और निर्माण के दौरान की गई गंभीर लापरवाही इस भयावह हादसे का मुख्य कारण बताई जा रही है।
एक टावर में लगी आग देखते ही कई टावरों तक फैल गई
ताई पो स्थित वांग फ़ुक कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में अचानक लगी आग सिर्फ एक टावर तक सीमित नहीं रही, बल्कि कुछ ही देर में उसने आस-पास की इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया।
हवाओं की तीव्रता और ऊंची इमारतों में बिखरी ज्वलनशील सामग्री ने आग को इतने बड़े स्तर तक पहुंचा दिया कि सात में से आठ टावर प्रभावित हो गए। स्कैफॉल्डिंग पर लगी आग प्लास्टिक नेट, फोम और अन्य संवेदनशील मटीरियल के कारण बेहद तेज़ी से फैली, जिससे लोगों का बच निकलना मुश्किल हो गया।
मौत, घायल और गुमशुदा लोगों के आंकड़े डराने वाले
अब तक 55 लोगों की मौत की अधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक फायरफाइटर भी शामिल है। 77 से अधिक लोग घायल, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। 900 से अधिक निवासियों को सुरक्षित निकाला गया। 279 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश बड़े पैमाने पर जारी है। राहत टीमें अभी भी मलबे में लोगों को ढूंढ रही हैं और आग बुझाने के बाद धुआं व गर्मी से हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
कंपनी के दो डाइरेक्टर और एक इंजीनियर गिरफ्तार
हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने प्रेस्टिज कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग कंपनी के दो निदेशकों और एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि रिनोवेशन के दौरान इमारतों में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग किया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। आपातकालीन निकासी मार्गों को बाधित करने जैसी बड़ी लापरवाहियां भी की गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि स्कैफॉल्डिंग पर लगी प्लास्टिक नेटिंग और पॉलीयूरेथेन फोम जैसे मटीरियल ने आग को भयावह रूप देने में निर्णायक भूमिका निभाई।
सरकार ने इस घटना को देखते हुए पूरे हांगकांग में निर्माण कार्यों की समीक्षा, सुरक्षा मानकों का ऑडिट और रिहायशी परियोजनाओं की आपातकालीन सुरक्षा जांच का आदेश दिया है। घटना स्थल के आसपास अस्थायी कैंप और राहत केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ विस्थापितों के लिए भोजन, चिकित्सा और आवास की व्यवस्था की गई है।