आगरा भक्तिरस में सराबोर: श्रवण गंगा यात्रा के लिए सोरों जी रवानगी, मंदिरों में विविध आयोजन, बल्केश्वर पार्क में भागवत कथा की गूंज

आगरा। ज्येष्ठ पूर्णिमा और पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर रविवार को आगरा धर्म, भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। एक ओर हजारों श्रद्धालु 51वीं श्रवण गंगा यात्रा में शामिल होकर सोरों जी के लिए रवाना हुए, वहीं विभिन्न मंदिरों में शरद पूर्णिमा उत्सव, महारास की झांकियों और श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

May 31, 2026 - 22:41
May 31, 2026 - 22:42
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आगरा भक्तिरस में सराबोर: श्रवण गंगा यात्रा के लिए सोरों जी रवानगी, मंदिरों में विविध आयोजन, बल्केश्वर पार्क में भागवत कथा की गूंज
श्रीमनःकामेश्वर मंदिर से 51वीं श्रवण गंगा यात्रा के शुभारंभ के मौके का एक विहंगम दृश्य।

51वीं श्रवण गंगा यात्रा का भव्य शुभारंभ, 101 बसों से सोरों जी रवाना हुए श्रद्धालु

श्रवण गंगा यात्रा के शुभारंभ पर महंत योगेश पुरी का स्वागत करते श्रद्धालुजन।

श्री मनःकामेश्वर मंदिर, रावतपाड़ा से रविवार को 51वीं श्रवण गंगा यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रवण गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित यात्रा में 101 बसों और 50 कारों के माध्यम से हजारों श्रद्धालु तीर्थराज सोरों जी के लिए रवाना हुए। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम में श्रीमहंत योगेश पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता माधवी अग्रवाल, पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, रामवीर भैया तथा सुधीर यादव ने भी उपस्थित होकर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। समिति अध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के समर्पण के कारण यह सेवा अभियान निरंतर विस्तार पा रहा है और हजारों लोगों को गंगा स्नान का पुण्य लाभ मिल रहा है।

भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा मां गंगा से जनकल्याण की कामना की।

श्वेत पुष्पों के दिव्य बंगले में विराजे श्याम बिहारी, भक्तों ने किया महारास का भावानुभव

श्वेत पुष्पों के दिव्य बंगले में विराजमान ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज के दर्शन करते श्रद्धालु।

कटरा हाथी शाह स्थित श्री प्रेमानिधि मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत अधिकमास के 15वें दिन शरदोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर को कार्नेसर, रजनीगंधा और जरबरा सहित श्वेत पुष्पों से सुसज्जित कर दिव्य बंगले का स्वरूप दिया गया। श्वेत वस्त्र और रजत आभूषणों से सुसज्जित ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि शरद पूर्णिमा महारास की अलौकिक रात्रि का प्रतीक है। इसी भाव को साकार करने के लिए विशेष शृंगार एवं सजावट की गई। सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने बताया कि सुबह से ही दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी रही तथा विशेष व्यवस्था की गई।

मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी के अनुसार ठाकुर जी को अमृतमयी खीर और पान का विशेष भोग अर्पित किया गया। कीर्तनकारों ने महारास से जुड़े पदों का गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

केसरिया हुआ बल्केश्वर मार्ग, हजारों श्रद्धालुओं के बीच श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

बल्केश्वर मार्ग पर निकली विशाल कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। 

श्री बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह का शुभारंभ रविवार को विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। एक हजार से अधिक महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया। केसरिया और पीत वस्त्रों में सजी महिलाओं तथा जयघोष करते श्रद्धालुओं ने पूरे बल्केश्वर मार्ग को भक्तिमय बना दिया।

मंदिर के महंत पं. कपिल नागर ने ध्वजा दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। फूलों से सजी बग्घी में ठाकुर जी की मनोहारी छवि आकर्षण का केंद्र रही, जिसका विभिन्न स्थानों पर स्वागत और पुष्पवर्षा से अभिनंदन किया गया।

संध्या को बल्केश्वर पार्क में कथा का शुभारंभ करते हुए विख्यात कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि श्रीमद्भागवत ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की त्रिवेणी है। उन्होंने कहा कि कलयुग में भागवत कथा श्रवण से मनुष्य का कल्याण निश्चित है। कथा 6 जून तक प्रतिदिन शाम 4 बजे आयोजित होगी।

शरद पूर्णिमा उत्सव में चांद की झांकी से सजे श्रीमथुराधीश जी महाराज

शरद पूर्णिमा उत्सव पर विशेष श्रृंगार में विराजमान श्रीमथुराधीश जी महाराज एवं मंदिर में सजी महारास की झांकी।

यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत शरद पूर्णिमा उत्सव श्रद्धाभाव से मनाया गया। मंदिर को बेला, मोगरा के श्वेत पुष्पों तथा रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी का विशेष शृंगार कर आकर्षक झांकियां सजाई गईं।

भजन, कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। महारास की झांकियों ने भक्तों को वृंदावन की दिव्य लीलाओं का अनुभव कराया। मंदिर में विशेष खीर का भोग अर्पित किया गया और प्रसाद वितरण किया गया।

मंदिर के महंत नन्दन श्रोत्रिय एवं यमुना भक्त बृज खंडेलवाल ने बताया कि शरद पूर्णिमा की चांदनी को अमृतमयी माना जाता है। इसी परंपरा के तहत खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखकर बाद में प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया गया। रात्रि में शयन आरती के साथ उत्सव का समापन हुआ।

SP_Singh AURGURU Editor