धर्मसभा में गूंजा संयम और जैनत्व का संदेश: आर्यिका विज्ञमति माताजी ने अष्ट मूल गुणों के पालन पर दिया जोर, आचार्य इन्द्रनंदी महाराज ने भी किया मार्गदर्शन
आगरा। आगरा दिगम्बर जैन परिषद के तत्वावधान में रविवार को आचार्य शांति सागर सभागार, एम.डी. जैन परिसर, हरिपर्वत में आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं 57 वर्षों की संयम साधना से विभूषित सिद्धांत रत्न, भारत गौरव, गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी तथा आर्यिका विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा में जैन धर्म के मूल सिद्धांतों, संयम, संस्कार और अष्ट मूल गुणों के पालन पर विशेष बल दिया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं सकल जैन समाज ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र का अनावरण एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञमति माताजी ने ‘पुरुषार्थ सिद्धि’ ग्रंथ का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस जैनत्व के भीतर अष्ट मूल गुणों का पालन नहीं है, वह जैन धर्म के वास्तविक उपदेशों का पूर्ण ग्राही नहीं बन सकता।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जैन परिवार में जन्म लेने वाले बालक को बचपन से ही मधु, मांस, मद्य और पांच उदुम्बर फलों के त्याग का संस्कार दिया जाता है। अष्ट मूल गुणों का पालन केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और धर्मरक्षा का आधार है। माताजी ने श्रद्धालुओं से आत्ममंथन करने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली में अनेक ऐसी वस्तुएं शामिल हो गई हैं जिनके प्रति सजग रहना आवश्यक है।
आर्यिका विज्ञमति माताजी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में फास्ट फूड संस्कृति तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने पिज्जा, मैगी और मोमोज जैसी वस्तुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्मानुसार जीवन जीने के लिए व्यक्ति को अपने खान-पान और आचरण के प्रति जागरूक रहना चाहिए। संयमित जीवन ही आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
धर्मसभा में आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ने भी अपने प्रेरक प्रवचनों में धर्म, संयम, तप और आत्मचिंतन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा की शुद्धि और मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होना है। धर्म तभी सार्थक होता है जब वह व्यवहार में दिखाई दे।
कार्यक्रम का संचालन अनुज जैन ‘क्रांति’ ने किया। धर्मसभा में आगरा दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष पन्नालाल बैनाड़ा, हीरालाल बैनाड़ा, महामंत्री मनीष कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, उपमंत्री विमल जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, अनुज जैन क्रांति, कुमार मंगलम, अविनाश जैन, सुरेश जैन, रवि जैन, सचिन जैन, पंकज जैन, श्रीमती उषा जैन मार्सन्स, श्रीमती आशा जैन, श्रीमती दीपा जैन, श्रीमती अनीता जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 8 जून 2026 को प्रातः 8:15 बजे से आचार्य शांति सागर सभागार, हरिपर्वत में मुनि संघ एवं आर्यिका संघ के मंगल प्रवचन आयोजित होंगे, जिनमें अधिकाधिक श्रद्धालुओं से उपस्थित रहने का आह्वान किया गया है।