यमुना पर दौड़ेगी मेट्रो, 200 करोड़ का मेगा ब्रिज दिसंबर तक होगा तैयार, टेस्टिंग ने पकड़ी स्पीड
आगरा कैंट-कालिंदी विहार मेट्रो कॉरिडोर के लिए यमुना नदी पर 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा मेट्रो पुल दिसंबर 2026 तक तैयार होने की संभावना है। सात में से छह पिलरों की पाइलिंग पूरी हो चुकी है। 16 किमी लंबे दूसरे कॉरिडोर पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, आईएसबीटी से बिजलीघर रूट पर मेट्रो का ट्रायल 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच चुका है और जून से छह किमी सेक्शन पर संचालन शुरू होने की तैयारी है।
आगरा। आगरा में मेट्रो परियोजना तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित दूसरे मेट्रो कॉरिडोर के लिए यमुना नदी पर निर्माणाधीन मेट्रो पुल का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पुल दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के अनुसार, यमुना नदी पर बनने वाले इस महत्वपूर्ण पुल के सात पिलरों में से छह की पाइलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब शेष कार्य को भी मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने से निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
16 किलोमीटर लंबे दूसरे कॉरिडोर का अहम हिस्सा
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक बनने वाला दूसरा मेट्रो कॉरिडोर लगभग 16 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट पर कुल 14 स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से सात स्टेशन एमजी रोड पर होंगे। यमुना नदी पर बन रहा यह पुल पूरे कॉरिडोर की सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में से एक माना जा रहा है।
प्रायोरिटी सेक्शन पर तेजी से बढ़ रहा काम
आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक के प्रायोरिटी सेक्शन पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस हिस्से में पिलर निर्माण के साथ-साथ यू-गर्डर लगाने का काम भी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सेक्शन में लगभग 80 प्रतिशत यू-गर्डर स्थापित किए जा चुके हैं। आगरा कैंट और आगरा कॉलेज मेट्रो स्टेशनों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों का मानना है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिकांश कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
एमजी रोड और भगवान टॉकीज पर लगेंगे विशेष गर्डर
शहर के व्यस्त यातायात मार्गों को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर विशेष डिजाइन के गर्डर लगाए जाएंगे। छीपीटोला चौराहा से रावली पुलिया होते हुए कलक्ट्रेट तिराहा तक विशेष गर्डर स्थापित किए जाने हैं, जिसके लिए अलग से पाइलिंग का काम चल रहा है। इसी तरह नेशनल हाईवे-19 स्थित भगवान टॉकीज चौराहे पर भी विशेष गर्डर लगाए जाएंगे, जिससे मेट्रो संरचना को मजबूती और यातायात के अनुरूप डिजाइन मिल सके।
मेट्रो ट्रायल ने बढ़ाई रफ्तार, 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंची स्पीड
इधर आगरा मेट्रो का परिचालन परीक्षण भी लगातार जारी है। आईएसबीटी से बिजलीघर चौराहे तक प्रतिदिन मेट्रो ट्रेनों का ट्रायल रन किया जा रहा है। हाल ही में परीक्षण के दौरान मेट्रो की गति बढ़ाकर 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इससे पहले ट्रायल 5 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पर किया जा रहा था। अब अप और डाउन दोनों लाइनों पर लगभग एक महीने तक हाई-स्पीड परीक्षण जारी रहेगा। अधिकारियों का लक्ष्य जून से छह किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक पर नियमित संचालन शुरू करना है।
आगरा के शहरी परिवहन को मिलेगी नई उड़ान
यमुना नदी पर बन रहा मेट्रो पुल और तेज गति से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्य आगरा के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को नई दिशा देगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, साथ ही सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा।