टीटीजेड पर प्रभावी पैरवी के लिए नेशनल चैंबर और औद्योगिक संस्थाओं ने किया मंडलायुक्त का सम्मान, बोले- प्रस्तावित न्यू आगरा अर्बन में आईटी सिटी विकसित कराने का प्रयास करेंगे, उद्यमियों ने जूता मंडी के विकास और चर्म उद्योग के लिए सुविधाओं की मांग भी उठाई
आगरा। ताज ट्रेजियम जोन (टीटीजेड) से जुड़े निर्णयों पर उद्योगों के हित में प्रभावी पैरवी करने के लिए मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप का नेशनल चैम्बर एवं विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं ने सम्मान किया। आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त ने कहा कि आगरा और मथुरा से उनका विशेष लगाव है और आगरा के उद्यमियों के चेहरे पर आने वाली मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इस दौरान आगरा में आईटी सिटी की स्थापना, जूता मंडी के विकास और चर्म उद्योग को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने सम्मान समारोह में कहा कि टीटीजेड से जुड़े विषयों पर अभी चुनौतियां समाप्त नहीं हुई हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए आगरा के उद्योगों के विकास के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार 410 उद्योगों के साथ-साथ टीटीजेड के अंतर्गत आने वाली अन्य इकाइयों के मामलों पर भी कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उद्योग और व्यापार के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों के दायरे में विकास की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। मंडलायुक्त ने जूता मंडी की स्थापना के लिए उद्यमियों से प्रस्ताव मांगे और कहा कि इस दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
जूता उद्योग को सुविधाएं मिलने पर बढ़ेगा कारोबार
कार्यक्रम में चर्म उद्योग से जुड़े उद्यमी धर्मेन्द्र सिंह नरूला ने कहा कि यदि जूता उद्यमियों को प्रारंभिक स्तर पर बुनियादी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं तो आगरा का विश्व प्रसिद्ध चर्म उत्पाद उद्योग और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। उन्होंने जूते के कारोबार में करों की भिन्नता का मुद्दा भी उठाया।
इस पर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने आश्वासन दिया कि जूता उद्योग से जुड़े कर संबंधी विषय को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
आगरा में आईटी सिटी की मांग तेज
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने आगरा में आईटी सिटी स्थापित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आगरा से लगभग 20 हजार युवा रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन कर जाते हैं। यदि आगरा में बड़ी आईटी कंपनियां निवेश करती हैं तो युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और प्रतिभा पलायन को रोका जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आगरा को केवल पर्यटन नगरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आईटी और आधुनिक उद्योगों का केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के आगरा दौरे के दौरान भी आईटी सिटी स्थापना के संबंध में सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई थी।
इस पर मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने कहा कि न्यू अर्बन एरिया में आईटी सिटी विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आगरा में नई संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन उद्यमियों के साथ मिलकर काम करेगा।
उद्यमियों ने जताया आभार
सम्मान समारोह में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने मंडलायुक्त के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टीटीजेड जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उद्योगों के हितों को मजबूती से रखने से उद्यमियों को नई उम्मीद मिली है।
कार्यक्रम में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, स्थानीय प्रशासन प्रकोष्ठ के चेयरमैन प्रशांत जैन, धर्मेन्द्र सिंह नरूला, निमित जर्राफ, पुलकित, शुभम कंसल, रिषभ सुरेख, विलाल भाई और सोवित सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।