नेपाल के गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा, प्रोटेस्ट में 21 की मौत
काठमांडू। नेपाल में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा के बाद अब सियासी संकट भी गहरा गया है। इस उपद्रव में रात नौ बजे तक 21 छात्रों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। इससे पूरे नेपाल में लोगों का गुस्सा काफी बढ़ गया है। हालात को देखते हुए नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनों के दौरान हुई जानमाल की हानि की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपा। उन्होंने कहा, "मैं नैतिक आधार पर पद पर नहीं रहूंगा।"
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने पीएम केपी ओली के पैतृक घर पर पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाई। काठमांडू में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में मरने वालों की संख्या 21 हो गई है।
छात्रों का यह आंदोलन नेपाल के दूसरे हिस्सों में भी पहुंच गया है। इसके कारण स्थिति भयावह हो गई है। छात्रों ने कहा कि हम नेपाल की सरकार को चीन या वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के रास्ते नहीं चलने देंगे। हमें सूचनाएं प्राप्त करने का अधिकार है और हम सोशल मीडिया पर बैन को बर्दाश्त नहीं करेंगे। गौरतलब है कि नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया साइट्स को बैन कर दिया है। इसके कारण जेन जेड के छात्र सड़कों पर उतर आए और संसद भवन पर कब्जा कर लिया था।
इधर पड़ोसी देश नेपाल में शुरू हुए युवाओं के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और विशेष सतर्कता बरती जा रही है।