महिला नेता पर आपत्तिजनक टिप्पणी भारी पड़ी: बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर हटाए गए, एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। भाजपा की एक राष्ट्रीय महिला नेता पर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर को पद से हटा दिया गया। इस घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। गुस्साए छात्रों और छात्राओं ने न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि प्राचार्य कार्यालय में ताला जड़कर अपना विरोध भी दर्ज कराया।
मामला उस समय तूल पकड़ गया जब बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर आलोक खरे द्वारा सोशल मीडिया पर भाजपा की एक राष्ट्रीय महिला नेता (साध्वी) के खिलाफ कथित रूप से अशोभनीय और अपमानजनक टिप्पणी की गई। इस पोस्ट के सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में मार्च निकालते हुए प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने भी खुलकर विरोध जताया और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। हालात तब और बिगड़ गए जब आलोक खरे मौके पर पहुंचे। गुस्साए छात्रों ने उन्हें घेर लिया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सुरक्षा कर्मियों और कॉलेज स्टाफ ने किसी तरह हस्तक्षेप कर उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला।
स्थिति तनावपूर्ण होती देख प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश राय ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए आलोक खरे को चीफ प्रॉक्टर पद से हटा दिया और पूरी प्रॉक्टोरियल टीम को भंग कर दिया। साथ ही, शाम को इंदिवर सिंह चौहान को नया चीफ प्रॉक्टर नियुक्त कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाला अधिकारी ही इस प्रकार की घृणित मानसिकता का परिचय दे रहा है। इससे न केवल छात्रों में गलत संदेश गया है, बल्कि बरेली कॉलेज जैसी प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा भी प्रभावित हुई है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आलोक खरे पहले भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं और ड्यूटी के दौरान अक्सर मोबाइल फोन में व्यस्त रहते थे, जिससे कॉलेज की अनुशासन व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
भारी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा। पूरे घटनाक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
वनस्पति विज्ञान के प्रोफेसर आलोक खरे ने फोन पर बताया कि हाल ही में अशोक खरात को गिरफ्तार किया गया था, उनके साथ कोई साध्वी थी, जिनकी फोटो मैंने सोशल मीडिया पर देखी थी। तभी मैंने नवरात्र के पहले दिन फेसबुक पर पोस्ट की थी। बाद में जब लोगों ने पोस्ट हटाने को कहा तो मैंने अपनी पोस्ट को हटा दिया था।
भाजपा के जिला अध्यक्ष आंवला,आदेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रोफेसर आलोक खरे पहले भी सोशल मीडिया पर कई विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। उनके विवादित टिप्पणी पर मैंने नाराजगी भी जाहिर की थी।
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