पीएम के संबोधन के बाद लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन से किया वाआउट

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में महाकुंभ और भारत की सांस्कृतिक चेतना पर अपने विचार रखे। उन्होंने महाकुंभ को देश की शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस आयोजन ने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक शक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

Mar 18, 2025 - 15:37
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पीएम के संबोधन के बाद लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन से किया वाआउट

पीएम मोदी ने महाकुंभ को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद भारतीय समाज के 1000 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में जोड़ा। उनका कहना था कि महाकुंभ जैसा आयोजन ये दिखाता है कि भारत आने वाले सालों में किस तरह आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बनेगा। इसके बाद उनके इस भाषण को लेकर विपक्ष ने विरोध जताया और सदन से वॉकआउट किया।

 पीएम मोदी ने सबसे पहले महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए लोगों को आभार जताया। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि गंगा जी को धरती पर लाने के लिए भगीरथ का प्रयास लगा था. वैसा ही प्रयास हमने इस बार महाकुंभ में भी देखा। पूरे विश्व ने जब महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबके प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है। ये जनता जनार्दन का, जनता जनार्दन के संकल्पों के लिए, जनता जनार्दन के संकल्पों से प्रेरित महाकुंभ था।

प्रधानमंत्री के भाषण के बाद विपक्ष ने अपनी बात रखने की मांग की, लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला।  विपक्ष ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने एकतरफा भाषण दिया और सदन में किसी को भी अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि 'पीएम मोदी ने मृतकों का जिक्र नहीं किया जो उनके असंवेदनशील व्यवहार को दर्शाता है.। इसी वजह से विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया।

 विपक्ष ने उनके भाषण में खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उनका मानना था कि पीएम मोदी को ये सुनिश्चित करना चाहिए था कि मृतकों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान दिखाया जाता। इस मुद्दे पर विपक्ष ने एकजुट होकर वॉकआउट किया जिससे सदन में हंगामा हुआ और विवाद की स्थिति पैदा हो गई.।