पुलिस आख्या को अधूरी बताकर कंगना रनौत को अदालत में तलब करने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल, अगली सुनवाई 8 जुलाई को
आगरा। अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत से जुड़े प्रकरण में शनिवार को अदालत में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। मामले के वादी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पुलिस की आख्या को अधूरी बताते हुए कंगना रनौत को स्वयं न्यायालय में तलब कर उनका बयान दर्ज किए जाने की मांग की। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित कर दी है।
पुलिस ने कंगना का बयान लिए बिना दाखिल कर दी आख्या: वादी पक्ष
वादी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया कि न्यायालय ने पूर्व में धारा 225 बीएनएस के अंतर्गत विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन थाना न्यू आगरा पुलिस ने कंगना रनौत का बयान दर्ज किए बिना ही उनके अधिवक्ता के कथनों के आधार पर रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत कर दी।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि पुलिस द्वारा की गई विवेचना अधूरी है और अब तक न तो कंगना रनौत से कोई पूछताछ की गई है और न ही उनका बयान दर्ज किया गया है। साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने का भी समुचित प्रयास नहीं किया गया।
न्यायालय स्वयं करे पूछताछ, कंगना को किया जाए तलब
वादी पक्ष ने अदालत से मांग की कि न्याय के हित में कंगना रनौत को न्यायालय में तलब कर स्वयं उनका बयान दर्ज किया जाए और आवश्यक पूछताछ की जाए। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि केवल इसी प्रक्रिया से मामले के वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जा सकता है और न्यायिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।
अदालत ने इस प्रार्थना पत्र की प्रति कंगना रनौत की जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान को उपलब्ध कराते हुए उस पर आपत्ति दाखिल करने के लिए 8 जुलाई 2026 की तिथि तय कर दी।
बीमारी का हवाला देकर बहस से मांगा समय
दूसरी ओर कंगना रनौत की अधिवक्ता अनुसुइया चौधरी की ओर से उनकी जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि अनुसुइया चौधरी अस्वस्थ होने के कारण अदालत में उपस्थित होकर बहस नहीं कर सकती हैं, इसलिए उन्हें समय दिया जाए।
वादी पक्ष ने जताया कड़ा विरोध
कंगना पक्ष की ओर से समय मांगे जाने पर वादी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कड़ा एतराज दर्ज कराया। उन्होंने अदालत में कहा कि विपक्षी पक्ष जानबूझकर मामले को लंबा खींचने का प्रयास कर रहा है और बार-बार बहस से बच रहा है।
वादी पक्ष ने लिखित रूप से भी अपना विरोध दर्ज कराया और अदालत से शीघ्र सुनवाई की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कंगना रनौत पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित कर दी।
वादी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह, राजेंद्र गुप्ता, धीरज बी.एस. फौजदार, प्रेम कुमार तथा आई.डी. श्रीवास्तव सहित अन्य अधिवक्ताओं ने अदालत में अपने तर्क प्रस्तुत किए।
अब इस मामले में सबकी निगाहें 8 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत के समक्ष पुलिस रिपोर्ट, कंगना रनौत को तलब किए जाने की मांग तथा दोनों पक्षों की आपत्तियों पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।