मारपीट, पुलिस दखल और अब राष्ट्रीय खिलाड़ी लापता...आखिर आगरा के एकलव्य स्टेडियम में हो क्या रहा है, क्यों बढ़ते जा रहे हैं विवाद?
आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम से राष्ट्रीय स्तर के अंडर-17 टेबल टेनिस खिलाड़ी वंश सिंह के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आने के बाद खेल विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। छात्रावास के सीसीटीवी कैमरे बंद मिलने, परिजनों द्वारा एक अधिकारी और कर्मचारी पर मारपीट का आरोप लगाने तथा पिछले कुछ समय से स्टेडियम में लगातार सामने आ रहे विवादों ने पूरे खेल तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है, लेकिन शनिवार तक खिलाड़ी का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
आगरा। आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक के बाद एक सामने आ रहे विवादों के बीच अब राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस खिलाड़ी के लापता होने की घटना ने पूरे खेल महकमे को झकझोर दिया है। कभी खिलाड़ियों के बीच मारपीट, कभी पुलिस बुलाने की नौबत और अब छात्रावास से खिलाड़ी के गायब होने की घटना ने स्टेडियम की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
नगला छउआ निवासी वंश सिंह पिछले चार वर्षों से एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के छात्रावास में रहकर टेबल टेनिस का प्रशिक्षण ले रहा था। वह अंडर-17 वर्ग के राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी है और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पुरस्कार जीत चुका है। वंश के बड़े भाई ध्रुव सिंह भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं।
विवाद की सूचना के बाद पहुंचे थे परिजन
वंश के पिता शैलेश सिंह के अनुसार गुरुवार को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) संजय शर्मा का फोन आया। उन्हें बताया गया कि वंश का किसी से विवाद हो गया है और उसे छात्रावास से हटाया जा सकता है।
उस समय शैलेश सिंह अपनी फैक्टरी में ड्यूटी पर थे, इसलिए उन्होंने बड़े बेटे ध्रुव सिंह को स्टेडियम भेजा। परिजनों का कहना है कि वहां मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अगले दिन सुबह आकर वंश को ले जाने की बात कहते हुए ध्रुव को वापस भेज दिया।
शुक्रवार सुबह जब परिवार के सदस्य छात्रावास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वंश सुबह लगभग पांच बजे बिना किसी सूचना के हॉस्टल छोड़कर चला गया। इसके बाद परिजनों ने तत्काल थाना सदर पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
बंद मिले सीसीटीवी, बढ़े संदेह
मामले की जांच के दौरान छात्रावास परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। इससे घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है। पुलिस अब स्मार्ट सिटी नेटवर्क तथा स्टेडियम के आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। परिजनों का दावा है कि अब तक उपलब्ध किसी भी फुटेज में वंश स्टेडियम से बाहर जाता दिखाई नहीं दिया है। ऐसे में उसके अचानक गायब होने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों का गंभीर आरोप
वंश के परिवार ने आरोप लगाया है कि छात्रावास के एक अधिकारी और एक कर्मचारी ने वंश को कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट की थी। उनका कहना है कि इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करने और वंश सिंह को शीघ्र सकुशल बरामद करने की मांग की है।
आरएसओ ने क्या कहा
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा ने कहा कि वंश शुक्रवार सुबह बिना किसी सूचना के छात्रावास से बाहर चला गया था, जिसकी जानकारी तत्काल उसके परिजनों को दे दी गई थी।
उन्होंने बताया कि स्टेडियम परिसर में निर्माण कार्य चलने के कारण सीसीटीवी कैमरे बंद थे। मारपीट के आरोपों के संबंध में उनका कहना है कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। यदि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
सभी पहलुओं पर जांच में जुटी पुलिस
थाना सदर पुलिस लापता खिलाड़ी की तलाश में जुटी है। पुलिस आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग, स्मार्ट सिटी नेटवर्क की फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वंश सिंह की तलाश कर रही है। साथ ही परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
खेल प्रेमियों का कहना है कि एक समय प्रदेश के प्रतिष्ठित खेल केंद्रों में गिने जाने वाले एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में अब लगातार विवाद सामने आ रहे हैं, जिससे इसकी छवि प्रभावित हो रही है।
इससे पहले हुआ था कबड्डी खिलाड़ियों में विवाद
कुछ समय पहले कबड्डी खिलाड़ियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। मामला लखनऊ तक पहुंचा और लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
फुटबॉल मैदान पर पुलिस बुलाने की नौबत आ चुकी है
करीब एक सप्ताह पहले फुटबॉल अभ्यास के दौरान बालिका खिलाड़ियों की गेंद बालकों की ओर चली गई। गेंद लौटाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर बालक खिलाड़ियों ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुला ली। पुलिस ने कोच योगेश वर्मा से पूछताछ की। बाद में मामला आगरा फुटबॉल संघ के अध्यक्ष बिल्लू चौहान के हस्तक्षेप से शांत हुआ।
जिम्नास्टिक हॉल का मामला
हाल ही में जिम्नास्टिक हॉल में भी एक खिलाड़ी ने कोच पर गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला भी पुलिस तक पहुंचा और काफी चर्चा में रहा। इन घटनाओं के बीच राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी वंश सिंह के लापता होने की घटना ने स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रहे विवादों से खिलाड़ियों के अभिभावकों में चिंता बढ़ने लगी है। उनका कहना है कि यदि खेल परिसरों में सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण नहीं रहेगा तो भविष्य में अभिभावक अपने बच्चों को छात्रावासों में भेजने से हिचकेंगे। खेल विशेषज्ञों का भी मानना है कि खिलाड़ियों के हितों की रक्षा, अनुशासन बनाए रखने और विवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना खेल विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी वंश सिंह का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके तथा घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।