क्रिकेट से उठी सियासी धुंध: इंडिया–साउथ अफ्रीका मैच रद्द होते ही लखनऊ के स्मॉग पर छिड़ी जंग
लखनऊ। लखनऊ में होने वाला इंडिया–साउथ अफ्रीका क्रिकेट मुकाबला रद्द होने के बाद मैदान से ज़्यादा गरमाहट सियासत में देखने को मिल रही है। विपक्षी नेताओं ने इसे मौसम की धुंध नहीं, बल्कि जहरीले स्मॉग का नतीजा बताया। कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए लखनऊ की बिगड़ती हवा और पर्यावरण नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।
धुंध नहीं, स्मॉग- नेताओं का सीधा आरोप
मैच रद्द होने को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह फैसला केवल धुंध की वजह से नहीं, बल्कि स्मॉग के कारण लेना पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मैच को लखनऊ की बजाय तिरुवनंतपुरम जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा वाले शहर में रखा जाना चाहिए था।
अखिलेश यादव का तीखा तंज
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने और भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह धुंधलापन कोहरा (फ़ॉग) नहीं, बल्कि खतरनाक स्मॉग है, जो लखनऊ की हवा को जहरीला बना चुका है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में शुद्ध हवा के लिए बनाए गए पार्कों को मौजूदा सरकार इंवेंटबाज़ी के ज़रिए बर्बाद करना चाहती है। उन्होंने लिखा भाजपाई न इंसान के सगे हैं, न पर्यावरण के।
लखनऊ की टैगलाइन पर भी वार
राजनीतिक तंज यहीं नहीं रुका। अखिलेश यादव ने लखनऊ की मशहूर टैगलाइन- मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं, को पलटते हुए लिखा- मुंह ढंक लीजिए कि आप लखनऊ में हैं। इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस को जन्म दे दिया।
मैच रद्द होने की घटना ने एक बार फिर बड़े आयोजनों और पर्यावरण संतुलन के बीच टकराव को उजागर कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है, तब क्या ऐसे शहरों में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन सुरक्षित और जिम्मेदाराना फैसला है?
यह मामला अब सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा। स्मॉग, स्वास्थ्य और पर्यावरण नीतियां राजनीतिक बहस के केंद्र में आ चुकी हैं। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है कि आखिर राजधानी जैसे शहर में हवा इतनी जहरीली क्यों हो गई कि अंतरराष्ट्रीय मैच तक रद्द करना पड़े।