सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर का दबाव, ठेकेदार रवि लवानिया समेत पांच पर एफआईआर

आगरा में जलकल विभाग के पंप हाउस अधीक्षक सुमित पचौरी की शिकायत पर न्यायालय के आदेश से छत्ता थाने में ठेकेदार रवि लवानिया समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। शिकायत में सरकारी दस्तावेजों में कथित हेरफेर, गलत प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, फर्जी दस्तावेज व प्रमाणपत्र तैयार करने, करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मई 2026 में हस्ताक्षर से इनकार करने पर उसे नौकरी से हटाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई तथा व्हाट्सऐप के जरिए भी दबाव बनाया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Oct 7, 2026 - 16:24
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सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर का दबाव, ठेकेदार रवि लवानिया समेत पांच पर एफआईआर

पंप हाउस अधीक्षक ने लगाए गंभीर आरोप, गलत प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर कराने का बनाया दबाव, इनकार पर फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी, न्यायालय के आदेश पर छत्ता थाने में मुकदमा

आगरा। जलकल विभाग से जुड़े मामले में न्यायालय के आदेश पर छत्ता थाने में ठेकेदार रवि लवानिया समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जलकल विभाग, नगर निगम के पंप हाउस अधीक्षक सुमित पचौरी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में सरकारी दस्तावेजों में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए दबाव बनाने और धमकी देने समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

एफआईआर में नामजद आरोपियों में रवि लवानिया, मनीष कुमार उर्फ मंशा, आसिफ, सचिन वशिष्ठ और अतुल शर्मा शामिल हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों की ओर से उस पर सरकारी अभिलेखों में गलत प्रविष्टियां कराने और तैयार कराए गए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया।

मई 2026 में गलत प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप

सुमित पचौरी की शिकायत के मुताबिक, मई 2026 में कथित तौर पर सरकारी दस्तावेजों में गलत प्रविष्टियां की गईं। इन प्रविष्टियों पर उनसे हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने नियमों के विपरीत होने के कारण इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उसे नौकरी से हटाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दबाव बनाने के लिए व्हाट्सऐप पर फोटो भेजे गए और धमकी भरे संदेश भी भेजे गए।

करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और फर्जी प्रमाणपत्रों का आरोप

शिकायत में सरकारी कार्यों और दस्तावेजों से जुड़े मामले में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। पंप हाउस अधीक्षक का आरोप है कि उन्हें भी कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव में लेने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसका विरोध किया तो धमकी देने का आरोप लगाया गया।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर 

शिकायतकर्ता की ओर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाए जाने के बाद अदालत के आदेश पर छत्ता थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, सरकारी दस्तावेजों, कथित गलत प्रविष्टियों, व्हाट्सऐप संदेशों और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। साथ ही करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और फर्जी प्रमाणपत्रों से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। मामले में नामजद आरोपियों की भूमिका और शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद जलकल विभाग से जुड़े इस मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली और दस्तावेजों की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।