सीजफायर पर एस जयशंकर ने ट्रंप के दावों को किया खारिज
वाशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका की धरती से वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप कई बार खुद को दे चुके हैं। हालांकि भारत हर बार सीजफायर को लेकर ट्रंप के दावों को खारिज करता रहा है।
एस जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के आमंत्रण पर 30 जून से 2 जुलाई तक अमेरिका की यात्रा पर हैं। न्यूजवीक को दिए इंटरव्यू में एस जयशंकर ने सीजफायर पर ट्रंप के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका के कहने पर भारत सीजफायर के लिए सहमत नहीं हुआ था।
एस जयशंकर ने कहा, "मैं उस कमरे में मौजूद था जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 9 मई की रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी। जेडी वेंस ने कहा था कि अगर हमने कुछ बातें नहीं मानीं तो पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला करेगा। इसके जवाब में पीएम मोदी ने संकेत दिया कि हमारी ओर से जवाब दिया जाएगा।" एस जयशंकर ने कहा कि अगली सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन किया और कहा कि पाकिस्तानी बातचीत के लिए तैयार हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमला आर्थिक युद्ध का नया कृत्य था जिसका मकसद कश्मीर में पर्यटन खत्म करना था। उन्होंने कहा कि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु ब्लैकमेल की पाकिस्तान की नीति भारत को पड़ोसी देश से उत्पन्न आतंकवाद का जवाब देने से नहीं रोक पाएगी।
भारत के विदेश मंत्री ने कहा, "पहलगाम आतंकी हमले का उद्देश्य धार्मिक हिंसा को भड़काना भी था क्योंकि लोगों को मारने से पहले उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा गया था। इसी वजह से अब हमने तय किया कि हम आतंकवादियों को दंड दिए बिना नहीं छोड़ सकते। वे सीमा के उस तरफ हैं और इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। मुझे लगता है कि इस तरह के विचार को चुनौती देने की आवश्यकता है और हमने यही किया।"