एसएन के डॉक्टरों ने बचाया 60 वर्षीय महिला का पैर, जटिल स्टेंट प्रक्रिया से टली अंग कटने की नौबत
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के डॉक्टरों ने 60 वर्षीय डायबिटीज पीड़ित महिला का पैर कटने से बचाया। महिला 'एक्यूट लिम्ब इस्कीमिया' से पीड़ित थी और पैर की मुख्य धमनियां पूरी तरह ब्लॉक थीं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु यादव ने स्टेंट डालकर रक्त संचार बहाल किया। मरीज का एक हाथ पहले इसी बीमारी के कारण काटा जा चुका था। पूरा इलाज असाध्य रोग योजना के तहत नि:शुल्क किया गया। सफल उपचार के बाद मरीज स्वस्थ हो रही है।
डायबिटीज से पीड़ित महिला की बंद हो चुकी धमनियों में बहाल किया रक्त संचार, असाध्य रोग योजना के तहत हुआ नि:शुल्क इलाज
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा ने एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा और मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विभाग के चिकित्सकों ने एक 60 वर्षीय मधुमेह (डायबिटीज) से ग्रस्त महिला मरीज का पैर कटने से बचाकर उसे नया जीवन प्रदान किया है।
मरीज अत्यंत गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। उसे 'एक्यूट लिम्ब इस्कीमिया' नामक बीमारी थी, जिसमें पैर तक रक्त पहुंचाने वाली मुख्य धमनियों में रुकावट आ जाती है। रक्त प्रवाह बंद होने के कारण पैर के ऊतकों के सड़ने और अंग काटने तक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की स्थिति इसलिए भी अधिक गंभीर थी क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व इसी प्रकार की बीमारी के चलते उसका एक हाथ पहले ही काटना पड़ चुका था।
जांच के दौरान पाया गया कि मरीज के पैर की पॉपलीटियल (Popliteal) और एंटीरियर टिबियल (Anterior Tibial) धमनियां पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी थीं। यदि समय रहते उपचार नहीं किया जाता तो मरीज का पैर काटना पड़ सकता था।
इस चुनौतीपूर्ण मामले में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु यादव और उनकी टीम ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जटिल एंडोवैस्कुलर प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डॉक्टरों ने बंद धमनियों में स्टेंट प्रत्यारोपित कर रक्त संचार को दोबारा पूरी तरह बहाल कर दिया। सफल उपचार के बाद मरीज का पैर सुरक्षित है और वह तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही है।
इस उपलब्धि पर एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि यह मामला इसलिए भी विशेष है क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीज का पूरा इलाज प्रदेश सरकार की 'असाध्य रोग योजना' के अंतर्गत पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और आधुनिक तकनीक की बदौलत जटिल से जटिल बीमारियों का सफल उपचार किया जा रहा है। संस्थान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफलता न केवल मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा क्षमता को दर्शाती है, बल्कि उन मरीजों के लिए भी उम्मीद की किरण है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और आर्थिक कारणों से बेहतर इलाज नहीं करा पाते।