आगरा में आईएसबीटी के पास खड़े ट्रक में घुसा तेज रफ्तार ट्रक, भीषण हादसे में ड्राइवर-क्लीनर की मौत, नॉर्थ बाईपास होते हुए भी शहर में दौड़ते भारी वाहनों पर प्रशासन की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर
आगरा में आईएसबीटी के सामने गुरुवार सुबह हुआ दर्दनाक सड़क हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का सीधा परिणाम बनकर सामने आया। बिना सुरक्षा इंतजाम के खड़े ट्रक में पीछे से घुसे दूसरे ट्रक ने ड्राइवर और क्लीनर की मौके पर ही जान ले ली। नॉर्थ बाईपास तैयार होने के बावजूद शहर के बीचोंबीच भारी वाहनों का दबाव लगातार मौतों को दावत दे रहा है।
आगरा। शहर में आईएसबीटी के पास गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बीती रात एक ट्रक तकनीकी खराबी के चलते हाईवे किनारे खड़ा कर दिया गया था। हैरानी की बात यह रही कि ट्रक चालक ने न तो कोई चेतावनी संकेत लगाए और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की।
गुरुवार सुबह राजस्थान में पंजीकृत एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक इस खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। केबिन में बैठे ड्राइवर और उसके साथ मौजूद क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दुर्घटना के कारण आईएसबीटी के सामने लंबा जाम लग गया, जिसमें बड़ी संख्या में ट्रक फंसे रहे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू कराया। पुलिस मृतकों की पहचान में जुटी हुई है।
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
यह हादसा एक बार फिर प्रशासन की उदासीनता को उजागर कर गया है। नॉर्थ बाईपास बनने के बावजूद भारी वाहनों को शहर के बीचोंबीच से गुजरने दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं कि एत्मादपुर क्षेत्र और मथुरा सीमा के रैपुरा जाट के पास से भारी वाहनों को उत्तरी बाईपास की ओर डायवर्ट किया जाए, ताकि शहर के अंदर दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सके।
लेकिन प्रशासन और पुलिस की अनदेखी के चलते हालात जस के तस बने हुए हैं। शहर के बीच से गुजरते हाईवे पर हर समय ट्रकों की कतार लगी रहती है, जिससे खासकर पीक आवर्स में हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह बहुत बड़ा काम नहीं है। नॊर्ढ बाईपास के दोनों छोर पर पुलिस लगाकर भारी वाहनों को उत्तरी बाईपास पर डायवर्ट किया जा सकता है।
सवाल यही है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम लोग अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?
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