नेपाल में छात्रों का विद्रोह बेकाबू, 18 की मौत, खुलने लगे सोशल साइट्स
काठमांडू। नेपाल में हजारों की संख्या में जेन-जेड के लड़के और लड़कियां सड़क पर उतर आए हैं। राजधानी काठमांडू में सोमवार (8 सितंबर) जमकर बवाल हो गया। प्रदर्शनकारी नेपाल की संसद में भी घुस गए। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार भी की। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पता चलता है कि हालात अब तक बेकाबू हैं। छात्रों का यह विरोध दूसरे शहरों तक पहुंच गया है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल के बुटवल और भैरहवा शहरों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है। कर्फ्यू सोमवार शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक लगाया गया है।
काठमांडू में प्रोटेस्ट तेज होने के साथ ही फेसबुक, एक्स, यूट्यूब, व्हाट्सएप आदि ऐप खुलने लगे हैं। देश भर के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने बताया है कि फेसबुक समेत कई सोशल नेटवर्क चल रहे हैं। हालांकि, सरकार और इंटरनेट कंपनियों ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
नेपाल सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए इमरजेंसी सुरक्षा बैठक बुलाई है। वहीं पुलिस ने काठमांडू में रात 10 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। काठमांडू में उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सेना तैनात कर दी गई है। संसद परिसर के गेट नंबर 2 पर आग की भी खबर है। फायरब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं।
पुलिस के मुताबिक 12 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने संसद के गेट नंबर 1 और 2 पर कब्जा कर लिया। संसद भवन के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास के पास सेना तैनात कर दी गई है।
दरअसल नेपाल सरकार ने 2024 में सोशल मीडिया ऐप्स को लेकर एक कानून लागू किया था, जिसके तहत सभी कंपनियों को नेपाल में ऑपरेशन के लिए एक स्थानीय कार्यालय बनाना होगा। उन्हें यहां टैक्सपेयर के रूप में रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा। इस नियम का पालन न करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया गया है।
इसी सिलसिले में 3 सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध का फैसला लिया गया। इन प्लेटफॉर्म्स ने नेपाल के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। मंत्रालय ने इन्हें 28 अगस्त से 7 दिन का वक्त दिया था। इसकी डेडलाइन 2 सितंबर को खत्म हो गई।
काठमांडू में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक घटनास्थल पर मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सत्ता में बैठे लोग अपने फैसले हम पर नहीं थोप सकते हैं। पुलिस की गोली मेरे दोस्त को लगी। संसद के अंदर से भी गोलियों की आवाज आ रही है।"