तहव्वुर राणा को लाया जा रहा भारत, डोभाल कर रहे निगरानी

नई दिल्ली। मुंबई हमलों का गुनहगार आतंकी तहव्वुर राणा की अब खैर नहीं। उसके बुरे दिन अब शुरू होने वाले हैं। भारत की धरती पर ही आतंकी तहव्वुर राणा के गुनाहों का हिसाब होगा। तहव्वुर राणा को आज किसी भी वक्त भारत लाया जा सकता है। उसके प्रत्यर्पण के लिए भारत की एजेंसियां अमेरिका में मौजूद हैं। सूत्रों का कहना है कि उसके प्रत्यर्पण से संबंधित सारी कागजी औपाचारिकताएं अमेरिका के साथ पूरी की जा चुकी है। भारतीय एजेंसियों ने अमेरिका की अदालत में सारे जरूरी कागजात ने सौंप दिए हैं और अदालत की अनुमति भी ले ली है। अमेरिका ने ओके भी कर दिया है। अब किसी भी वक्त आतंकी तहव्वुर राणा भारत लैंड कर सकता है।

Apr 9, 2025 - 10:59
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तहव्वुर राणा को लाया जा रहा भारत, डोभाल कर रहे निगरानी

सूत्रों की मानें तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि तहव्वुर राणा को आज ही भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। अब सवाल है कि तहव्वुर राणा भारत आएगा तो कहां रखा जाएगा? इसके लिए दो ऑप्शन हैं। पहला दिल्ली की तिहाड़ जेल और दूसरा मुंबई की आर्थर रोड जेल। इन दोनों जगहों पर तैयारी पूरी है। आखिरी फैसला अभी लेना बाकी है। अमेरिका से अगर भारत तहव्वुर राणा आएगा भी तो इसमें सबसे बड़ा हाथ उस शख्स का होगा, जिसके नाम मात्र से ही पूरा पाकिस्तान कांप उठता है। वह हैं एनएसए अजीत डोभाल।

सूत्रों का कहना है कि तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की पूरी निगरानी खुद अजीत डोभाल ही कर रहे हैं। अमेरिका से कैसे तहव्वुर राणा को भारत लाया जाएगा। क्या-क्या ऑपचारिकताएं हैं और उसे भारत की किस जेल में रखा जाएगा। भारत लाने के बाद उसके साथ क्या होगा। इन सब पर अजीत डोभाल की पूरी नजर है। वह खुद गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठकर तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण की पटकथा लिख रहे हैं। सूत्रों की मानें तो तहव्वुर राणा के भारत आने और अदालत में पेश होने के बाद एनआईए उसकी हिरासत में पूछताछ की मांग कर सकती है।

अब तहव्वुर राणा को भारत लाने से कोई रोक नहीं सकता है। खुद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके सारे दरवाजे बंद कर दिए हैं। बीते दिनों अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई आतंकवादी हमले के गुनहगार तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पण के तहत भारत भेजने पर रोक लगाने की मांग करने वाली उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। इससे उसे भारतीय अधिकारियों को सौंपे जाने को लेकर एक और बाधा दूर हो गई। डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी थी।

अब सवाल है कि आखिर यह तहव्वुर राणा कौन है और इसका पाक से क्या कनेक्शन है? दरअसल, तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। उसकी उम्र 64 है. आतंकी राणा अभी लॉस एंजिलिस के ‘मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर’ में बंद है। वह पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा है। हेडली 26 नवंबर 2008 (26/11) हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। हेडली ने हमलों से पहले तहव्वुर राणा की ‘इमिग्रेशन कंसल्टेंसी’ के कर्मचारी के रूप में मुंबई की रेकी की थी।

तहव्वुर राणा को डेनमार्क में आतंकवादी साजिश में सहायता प्रदान करने से जुड़े एक मामले में और मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को सहायता प्रदान करने के एक मामले में अमेरिका में दोषी ठहराया गया था। लश्कर मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है। साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में छह अमेरिकियों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे। इन हमलों को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने अंजाम दिया था।