पीओके में पिट गए आतंकी, पब्लिक ने बरसाए लात-जूते, खदेड़े  गए लश्कर के दहशतगर्द

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अब पब्लिक सरेआम आतंकवादियों की लात-जूतों से पिटाई कर रही है। जिन आतंकियों की पिटाई हुई उनमे लश्कर का कमांडर रिजवान हनीफ भी शामिल है।

Aug 2, 2025 - 12:39
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पीओके में पिट गए आतंकी, पब्लिक ने बरसाए लात-जूते, खदेड़े  गए लश्कर के दहशतगर्द

मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के एक गांव में लश्कर के आतंकियों को पब्लिक ने लात-जूते मारकर भगा दिया। लोग आंतकवादियों और उनके आकाओं को दौड़ा दौड़ाकर पीट रहे हैं। यह घटना  मंगलवार की है, जिसकी भारत में अधिक चर्चा नहीं हो पाई। 

हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुए एनकाउंटर में मारे गए पहलगाम हमले के आंतकवादियों में से एक हमज़ा अफ़ग़ानी उर्फ़ हबीब ताहिर पीओके का रहने वाला था। उसके मारे जाने की खबर जब  पीओके में पहुंची तो हमज़ा अफ़ग़ानी उर्फ़ हबीब ताहिर के लिए आखिरी नमाज अदा की गई। इसमें शामिल होने के लिए लश्कर के आतंकवादी भी पहुंचे। लेकिन आतंकी हबीब ताहिर के परिवार वालों ने रिज़वान हनीफ और लश्कर के दूसरे आतंकियों को उसके फातिहा में शामिल होने की इजाज़त नहीं दी।  इन आतंकवादियों ने जैसे ही जेहाद के नारे लगाए तो लोग भड़क उठे। लोगों ने लश्कर के आतंकवादियों को दौड़ा दिया। पब्लिक ने आतंकियों की पिटाई शुरू कर दी। लश्कर के कमांडर्स को वहां से जान बचाकर भागना पड़ा।

दरअसल, हमज़ा अफ़ग़ानी उर्फ़ हबीब ताहिर पीओके के कुइयां गांव का रहने वाला था। वह लश्कर-ए तोईबा में शामिल हो गया था और पिछले दो साल से एक्टिव था।  28 जुलाई को श्रीनगर के पास दातीगाम के जंगलों में वह सुरक्षाबलों के साथ हुए एनकाउंटर में मारा गया था। हमजा अफगानी की मौत की खबर उसके गांव कुइयां तक पहुंची तो हमज़ा अफ़ग़ानी उर्फ़ हबीब ताहिर का ग़ैरमौजूदगी जनाजा आयोजित किया गया था। क्योंकि हमजा अफगानी को भी वहीं दफना दिया गया, जहां सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में ढेर किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीओके के इसी कूइयां गांव के लोगों ने एक सार्वजनिक 'जिरगा' यानी लोकल पंचायत बुलाने की योजना बनाई। लश्कर ए तोइबा के आतंकी हबीब ताहिर के लिए फातिहा पढ़ा जाना था और आतंकियों को समर्थन देने वालों की निंदा करने की बात होनी थी। साथ ही गांव में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि पर सामूहिक प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया जाना था। इसके लिए बाकायदा पोस्टर्स छापे गए थे। उन पोस्टर्स को फेसबुक पर अपलोड भी किया गया था। पीओके के रावलाकोट में रहने वाले लोगों को लोकेशन पर पहुंचने के लिए बाकायदा इन्वाइट भी किया गया था। इसी में शामिल होने के लिए लश्कर का कमांडर रिज़वान हनीफ लश्कर के पूरे काफिले के साथ पहुंचा था। लेकिन आतंकी हबीब ताहिर के परिवार वालों ने रिज़वान हनीफ और लश्कर के दूसरे आतंकियों को उसके फातिहा में शामिल होने की इजाज़त नहीं दी।

गांव के लोगों ने रिज़वान हनीफ़ पर इल्ज़ाम लगाया कि वो नौजवान लड़कों को मौत के मुंह में धकेलता है। इसके बाद लश्कर कमांडर रिज़वान हनीफ के बॉडीगार्ड और आतंकी हबीब ताहिर के परिवार वालों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। लश्कर के आतंकियों ने जैसे ही भीड़ पर हमले के लिए हथियार उठाया, पीओके की पब्लिक ने आतंकियों की पिटाई शुरू कर दी। पीओके के एक जर्नलिस्ट लियाक़त अली उर्फ़ लियाक़त इंक़िलाब ने इस घटना को सोशल मीडिया पर जारी कर दिया।

लश्कर के जिस आतंकवादी रिज़वान हनीफ़ और उसके साथियों को पीओके के लोगों ने पीटा और खदेड़ा वह पाक के कब्जे वाले कश्मीर में काफ़ी समय से एक्टिव है। रिजवान हनीफ लश्कर की मज़हबी ब्रांच जमात उद दावा के लिए पीओके में रिक्रूटमेंट का काम करता है। लोगों से जिहाद में शामिल होने की अपील करता है।रिज़वान हनीफ़ अक्सर, लोगों को जिहाद के फ़ायदे बताते हुए तक़रीर करता है।  और सोशल मीडिया पर जिहाद की वकालत करने वाले वीडियोज़ डालता रहता है। अगर भारत में पीओके का कोई आतंकवादी मारा जाता है तो रिज़वान उसके घर जाकर उसके परिजनों को पैसे देकर उनका मुंह बंद करता है।

ये आतंकवादी अलग अलग प्रोग्राम्स के ज़रिए ना सिर्फ पीओके में रहने वाले लोगों को बरगलाते हैं बल्कि उनके बच्चों का ब्रेनवॉश करके उन्हें आतंकी भी बनाते हैं। लश्कर का आतंकी पीओके में जगह जगह घूमकर जिहाद के नाम पर चंदे इकट्ठा करता है।  लश्कर ए तैय्यबा ने नए आतंकवादियों की भर्ती के लिए बाकायदा रेट लिस्ट बना रखी है। इस रेट लिस्ट के मुताबिक लश्कर ए तैय्यबा हर एक आतंकवादी को रिक्रूट करने के लिए 3 लाख रुपये चार्ज करता है जिसमें से 2 लाख पाकिस्तानी रुपये आतंकवादी के परिवार को मिलते हैं और 1 लाख पाकिस्तानी रुपये लश्कर ए तैय्यबा का कमांडर खुद अपने पास रखता है। इसका भी खुलासा अब खुद पीओके में रहने वाले लोग ही कर रहे हैं। 

आतंकियों को रिक्रूट करने के बाद जब उन्हें बेस कैंप में लाया जाता है तो बाकायदा फूल माला से उनका स्वागत किया जाता है। इन बेस कैंप्स में आतंकियों का ब्रेन वॉश करने वाली स्पीच भी दी जाती है। भारत के खिलाफ हज़ारों मुजाहिद्दीनों यानी आतंकियों की फौज खड़ी करने की बात कहते हैं। लश्कर के इन आतंकियों को पैसे देकर भारत पर हमले का ठेका वही रिज़वान हनीफ देता है। 

पहलगाम हमले में शामिल एक आतंकी का पाकिस्तान कनेक्शन स्टैबलिश हो चुका है। आतंकी हबीब ताहिर के पीओ के के रावलाकोट के करीब कूइयां गांव का रहने वाला था और अब बाकी बचे दो आतंकी की आइडेंटिटी भी सामने आ गई है जो लाहौर के रहने वाले थे।