पहलगाम हमले पर ट्रंप की दो टूक: आतंक के खिलाफ भारत के साथ, लेकिन संयम भी जरूरी

वॉशिंगटन। कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने भारत के प्रति पूरी एकजुटता दिखाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को बहुत बुरा बताते हुए भारत को हर संभव समर्थन देने की बात कही, लेकिन साथ ही भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने की अपील भी की। एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है और उन्हें अमेरिका की ओर से पूरा समर्थन दिया है।

Apr 26, 2025 - 11:19
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पहलगाम हमले पर ट्रंप की दो टूक: आतंक के खिलाफ भारत के साथ, लेकिन संयम भी जरूरी

ट्रंप ने कहा, मैं भारत और पाकिस्तान दोनों के बहुत करीब हूं। कश्मीर में संघर्ष एक लंबे समय से चला आ रहा है और हालिया हमला वाकई भयानक था। उन्होंने कहा कि कश्मीर क्षेत्र में करीब 1,500 वर्षों से तनाव चला आ रहा है। यह एक स्थायी संघर्ष क्षेत्र बन चुका है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि दोनों देश अपने स्तर पर इसका समाधान निकालेंगे।

बैसरन घाटी, जो आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहती है, मंगलवार को आतंक का मैदान बन गई जब आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों की जान ले ली। यह कश्मीर में पिछले दो दशकों का सबसे घातक हमला माना जा रहा है।

हमले के तुरंत बाद भारत सरकार ने सख्त और बहुआयामी कदम उठाए। अटारी बॉर्डर को बंद किया गया, सार्क वीज़ा छूट योजना को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए निलंबित कर दिया गया और दोनों देशों के उच्चायोगों में राजनयिक स्टाफ घटाया गया। इन फैसलों में सबसे बड़ा कदम रहा—सिंधु जल संधि को समाप्त करने की घोषणा। भारत ने स्पष्ट किया कि अब सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाक संबंध नाज़ुक मोड़ पर हैं। उनकी टिप्पणी यह दर्शाती है कि अमेरिका एक ओर आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है, तो दूसरी ओर वह क्षेत्रीय शांति के लिए राजनयिक संतुलन भी साध रहा है।

 

SP_Singh AURGURU Editor