मोदी को दोस्त बता कर ट्रंप ने भारत पर लगाया 26 फीसदी टैरिफ
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज (भारतीय सम.ानुसार) व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में 'मुक्ति दिवस' की घोषणा करते हुए भारत, चीन, जापान और यूरोपीय संघ जैसे कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की नीति पेश की। इस नई नीति के तहत, भारत से आयात होने वाले प्रोडक्ट पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा।
व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में 'मुक्ति दिवस' की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि मेरे साथी अमेरिकियों, यह मुक्ति दिवस है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। 2 अप्रैल 2025 को वह दिन माना जाएगा जब अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ। अमेरिका की किस्मत बदली और हमने अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाना शुरू किया है।
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारत अमेरिका के साथ सही व्यवहार नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर 52 फीसदी शुल्क लगाता है, इसलिए अमेरिका भी बदले में 26 फीसदी टैरिफ लगाएगा।
ट्रंप की नई 'पारस्परिक टैरिफ' नीति के तहत, कई देशों पर टैरिफ लगाए गए हैं, इनमें भारत-26%, चीन- 34%, यूरोपीय संघ- 20%, जापान- 24%, ताइवान- 22%, इजरायल-17% भी हैं।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनाव में रहा है। यह टैरिफ भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में व्यापार करना महंगा बना सकता है। भारतीय उत्पादों पर अधिक शुल्क लगाने से अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगे सामान खरीदने पड़ सकते हैं। कई अमेरिकी कंपनियां, जो भारत से कच्चा माल या तैयार उत्पाद आयात करती हैं, उनकी लागत भी बढ़ सकती है।
भारत और अन्य प्रभावित देश जवाबी कदम उठा सकते हैं और अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं। इससे वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि यह टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करेगा। उनका कहना है कि यह टैरिफ नीतियां वास्तव में काफी अच्छी हैं। हमने इससे भी ज्यादा शुल्क लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन हमने इसे कम रखा। हालांकि, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती है क्योंकि इससे वैश्विक व्यापारिक संबंध कमजोर हो सकते हैं।