बरेली पहुंचे यूपी के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी, कांवड़ यात्रा को 'जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट' बनाने के दिए निर्देश, कांवड़ियों को कोई असुविधा भी न हो
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बरेली में बरेली एवं मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा, यातायात, एआई आधारित निगरानी, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला सुरक्षा, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और कानून-व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा 'जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट' के लक्ष्य के साथ सकुशल संपन्न कराई जाए।
-आरके सिंह-
बरेली। आगामी श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार को बरेली में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक में कछला (बदायूं) से गढ़मुक्तेश्वर और हरिद्वार तक के कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया गया। इस दौरान रूट डायवर्जन, सीसीटीवी कैमरे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी, बैरिकेडिंग, पार्किंग, चिकित्सा शिविर, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सेल्फी प्वाइंट और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सहित सभी तैयारियों की समीक्षा की गई।
एआई तकनीक से होगी निगरानी
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरों और आधुनिक निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इससे भीड़ की गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और यातायात की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी तथा किसी भी संभावित घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि सभी नौ जिलों ने अपनी तैयारियों का प्रस्तुतीकरण दिया है और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय दिखाई दे रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हुआ है, जिससे यातायात प्रबंधन में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हों व्यवस्थाएं
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट अपेक्षा है कि कांवड़ यात्रा 'जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट' के साथ संपन्न हो। पिछले कुछ वर्षों में दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं में लगातार कमी आई है, जिसका कारण बेहतर आधारभूत सुविधाएं और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी बोले— पूरे प्रदेश में रहेगा विशेष सुरक्षा प्रबंध
डीजीपी राजीव कृष्ण ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि कांवड़ यात्रा केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसलिए यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है।
उन्होंने बताया कि श्रावण मास के दौरान पूरे कांवड़ मार्ग पर मास और मदिरा की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं तथा इसका पालन भी सुनिश्चित कराया जा रहा है।
डीजे पर भी रहेगी सख्त निगरानी
डीजीपी ने कहा कि डीजे के आकार और ध्वनि स्तर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। डीजे की आवाज 75 डेसिबल की निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होगी। इसके लिए डीजे संचालकों और दुकानदारों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं तथा आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
महिला कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्य सचिव ने बताया कि इस बार मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। चिकित्सा सुविधाएं, सहायता केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी ताकि महिला श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सोशल मीडिया पर रहेगी 24 घंटे नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात रहेगी तथा किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।