विश्व विजेता महिला क्रिकेट टीम का आगरा में हो वैसा ही सम्मान जैसा कपिलदेव की टीम का हुआ था
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्वविजेता बनने पर पूरा देश गर्व से झूम रहा है। इसी बीच आगरा के वरिष्ठ खेल प्रशासक बल्देव भटनागर ने टीम को आगरा आमंत्रित कर भव्य सम्मान समारोह आयोजित करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह गौरवशाली उपलब्धि केवल खेल नहीं, बल्कि भारत की बेटियों की शक्ति और आत्मविश्वास की पहचान है।
आगरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विश्व विजेता का खिताब अपने नाम कर चुकी है। इस जीत के बाद देशभर में खुशी है। आगरा के क्रिकेट प्रेमी बल्देव भटनागर की इच्छा है कि भारतीय महिला क्रिकेट को आगरा बुलाकर वैसा ही सम्मान दिया जाए जैसा 1983 में भारतीय क्रिकेट टीम के पहली बार विश्व कप जीतने पर दिया गया था। श्री भटनागर ने यह प्रस्ताव रखते हुए आगरा प्रशासन, सांसद, विधायक, महापौर और शहर के खेलप्रेमियों से आग्रह किया है कि इसे साकार करें।
बल्देव भटनागर का कहना है कि टीम को वर्ष 2025 के अंतिम सप्ताह या नववर्ष के अवसर पर आगरा बुलाया जा सकता है। इससे शहर के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और खेल संस्कृति को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस पहल में अपनी भागीदारी निभाएं।
भटनागर कहते हैं, फाइनल से अधिक रोमांचक मुकाबला सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेला गया था, जिसमें भारत ने 339 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की थी। इस मैच ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया।
हम सभी को इस बात का गर्व है कि कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार कप्तानी ने टीम को नई दिशा दी। उन्होंने ओपनिंग जोड़ी में शेफाली वर्मा को भेजा, जिन्होंने 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 87 रनों की पारी खेली और साथ ही दक्षिण अफ्रीका के 2 विकेट भी लिए। वहीं, दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की उम्दा बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी टीम के 5 विकेट झटके। उनके प्रदर्शन ने आगरा का नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर स्वर्णाक्षरों में दर्ज कर दिया।
टीम की अन्य प्रमुख खिलाड़ियों- स्मृति मंधाना, अमनजोत कौर, रिचा घोष, राधा यादव, रेणुका सिंह ने भी फाइनल में निर्णायक योगदान दिया। इनके शानदार खेल से भारत ने 2 नवंबर 2025 को महिला क्रिकेट विश्व कप का खिताब जीता।
भटनागर ने कहा कि भारतीय महिला टीम के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से भारत की बेटियां अब केवल खेल नहीं, बल्कि इतिहास रच रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगरा में आयोजित सम्मान समारोह में देशभर के क्रिकेट प्रेमी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
1983 में जब एकलव्य स्टेडियम पहुंची थी भारतीय टीम
51 साल से क्रिकेट की दुनिया से नजदीकी से जुड़े और 1992 में अखिल भारतीय बीएस भटनागर क्रिकेट टूर्नामेंट, जिसमें कपिलदेव मुख्य अतिथि थे, करा चुके बल्देव भटनागर ने दो बार नार्थ जोन इंटरयूनिवर्सिटी और दो तमाम क्रिकेट मैच कराए हैं। उनकी हार्दिक इच्छा है कि आगरा में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व विजेता बेटियों का वैसा ही सम्मान हो जैसा 1983 का विश्व कप जीतने वाली कपिल देव के नेतृत्व वाली क्रिकेट टीम का हुआ था।
बल्देव भटनागर याद करते हैं, क्रिकेट के लिए समर्पित केके कपूर उन दिनों शहीद टूर्नामेंट कराया करते थे। केके कपूर ने भी शहर के क्रिकेट प्रेमियों को सलाह दी कि कपिलदेव समेत पूरी टीम को आगरा बुलाकर सम्मानित किया जाए। सभी इसके लिए तैयार हो गये। जिस समय भारतीय टीम आगरा पहुंची, एकलव्य स्टेडियम में शहीद टूर्नामेंट चल रहा था। उसी दौरान मैच रोककर दर्शकों से भारत की विश्व विजेता टीम का परिचय कराने के साथ ही सभी का सम्मान किया गया था। स्व. केके कपूर के अलावा स्व. केएन टंडन, बल्देव भटनागर, सतीश कपूर, सरदार दर्शन सिंह, राजीव तिवारी सरीखे लोग लोग भारतीय टीम को बुलाने वालों में शामिल थे।