अभाविप की राष्ट्रीय परिषद में शिक्षा, सुरक्षा और राष्ट्रहित पर मंथन, पारित हुए कई अहम प्रस्ताव

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीबीपी) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक 29 से 31 मई तक भुवनेश्वर में आयोजित हुई, जिसमें देशभर से 400 से अधिक प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में शिक्षा सुधार, महिला सुरक्षा, शहरी माओवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और वैश्विक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव पारित किए गए। परिषद ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

Jun 4, 2026 - 16:48
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अभाविप की राष्ट्रीय परिषद में शिक्षा, सुरक्षा और राष्ट्रहित पर मंथन, पारित हुए कई अहम प्रस्ताव
अभाविप की राष्ट्रीय परिषद में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते परिषद के पदाधिकारी।

आगरा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीबीपी) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की तीन दिवसीय बैठक 29 से 31 मई तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न प्रांतों से आए 400 से अधिक प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, राष्ट्रीय चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की।

बैठक के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, शैक्षिक सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन, शहरी माओवाद की बढ़ती चुनौती, महिलाओं के शोषण एवं मतांतरण से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राष्ट्रीय एकजुटता जैसे विषयों पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। परिषद ने इन प्रस्तावों को आगामी वर्ष में संगठन की कार्ययोजना का आधार बताया।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता पर जोर

एबीबीपी के ब्रज प्रांत मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव विकसित, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की व्यापक सोच को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी, सीयूईटी और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में सामने आई विसंगतियों तथा पेपर लीक की घटनाओं ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता और अविश्वास का वातावरण पैदा किया है।

उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए ) की निष्पक्ष जांच हो तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप त्रि-भाषा नीति का स्वागत करते हुए भारतीय भाषाओं में अधिकाधिक प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने पर बल दिया गया।
परिषद ने उद्योग जगत से अनुसंधान, नवाचार, पेटेंट और भारतीय भाषाओं में अकादमिक लेखन को बढ़ावा देने के लिए निवेश बढ़ाने का भी आह्वान किया।

महिला सुरक्षा और शहरी माओवाद पर विशेष चिंता

बैठक में महिलाओं के शोषण, संगठित अपराध और मतांतरण से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया। वहीं सशस्त्र माओवाद के कमजोर पड़ने के बाद शहरी माओवाद को एक नई और गंभीर चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया, जिस पर समाज और युवाओं को जागरूक करने की आवश्यकता बताई गई।

राष्ट्रीय चेतना से जुड़े अभियान चलाएगी एबीबीपी

केंद्रीय मीडिया सदस्य सुमित शर्मा ने बताया कि आगामी वर्ष में एबीबीपी कई राष्ट्रीय अभियानों का संचालन करेगी। इनमें ‘शील @ 60’, ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष तथा संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव जैसे अभियान प्रमुख होंगे।

उन्होंने कहा कि इन अभियानों के माध्यम से राष्ट्रीय एकात्मता, सांस्कृतिक चेतना और युवाओं की सकारात्मक सहभागिता को मजबूत किया जाएगा। परिषद का विश्वास है कि देश का युवा वर्ग अपनी प्रतिभा, नवाचार क्षमता और राष्ट्रीय सोच के बल पर राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

ब्रज प्रांत में पूरी प्रतिबद्धता से होंगे कार्यक्रम

प्रांत मीडिया संयोजक अंकुर शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक संगठन के लिए दिशा निर्धारण का सबसे महत्वपूर्ण मंच होती है। इसी बैठक के आधार पर पूरे वर्ष के कार्यक्रमों, अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाती है। उन्होंने कहा कि एबीबीपी ब्रज प्रांत परिषद द्वारा निर्धारित सभी कार्यक्रमों और अभियानों को पूरी प्रतिबद्धता और मनोयोग के साथ सफल बनाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान परिषद के पदाधिकारियों ने पारित प्रस्तावों और उनके क्रियान्वयन की रूपरेखा पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत की। इस अवसर पर महानगर मंत्री शिवांग खंडेलवाल, हिमांशी माहौर, विवेक सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।